सारंगढ़-बिलाईगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सारंगढ़, 23 अप्रैल। बिलासपुर रेंज में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एनडीपीएस मामलों की विवेचना की गुणवत्ता में सुधार विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन 21 अप्रैल को पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग द्वारा किया गया।
कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक सारंगढ़ आंजनेय वाष्र्णेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर (शहर) पंकज पटेल, सिविल लाइन बिलासपुर के अधिकारी निमितेश सिंह तथा उप पुलिस अधीक्षक विवेक शर्मा सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक अभियोजन (बिलासपुर संभाग) माखन लाल पांडेय ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत विवेचना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने तलाशी और जप्ती के दौरान संबंधित धाराओं के पालन, जब्त पदार्थों के प्रमाणीकरण, नमूनाकरण प्रक्रिया तथा दस्तावेजीकरण पर ध्यान देने की बात कही।
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि विवेचना के दौरान मादक पदार्थों के स्रोत और गंतव्य तक की जानकारी एकत्र करना आवश्यक है। साथ ही, चालान प्रस्तुत करने से पहले उसका परीक्षण वरिष्ठ अधिकारियों और अभियोजन शाखा द्वारा किए जाने की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई।
अधिकारियों को विवेचना में आधुनिक तकनीक और डिजिटल साक्ष्यों के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं।
इस कार्यशाला में बिलासपुर रेंज के विभिन्न जिलों से पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षक माखन लाल पांडेय को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। समापन उप पुलिस अधीक्षक विवेक शर्मा द्वारा किया गया।


