राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 2 जून। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल ने डॉ. कमलप्रीत सिंह सचिव स्कूल शिक्षा एवं ऋतुराज रघुवंशी संचालक लोक शिक्षण से मिलकर 4 सूत्रीय ज्ञापन दिया है।
उक्ताशय की जानकारी देते फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी, प्रांतीय प्रमुख महामंत्री सतीश ब्यौहरे, जिला संरक्षक मुकुल साव, जिला अध्यक्ष पीआर झाड़े, पीएल साहू, जितेंद्र बघेल, सीएल चंद्रवंशी, वीरेंद्र कुमार रंगारी, बृजभान सिन्हा, पुष्पेंद्र साहू, शिरीष कुमार पांडे, हेमंत पांडे, उत्तम डड़सेना, अब्दुल कलीम खान, सुधांशु सिंह, सोहन निषाद, संजीव मिश्रा, संगीता ब्यौहरे, नीलू झाड़े, सीमा तरार, यामिनी साहू, स्वाति वर्मा, अनिल साहू एवं शीतल कुमार टंडन ने बताया कि प्राचार्य के स्वीकृत पदों पर 90 प्रतिशत पद पदोन्नति द्वारा तथा 10 प्रतिशत पद सीमित विभागीय परीक्षा द्वारा नियुक्त करने का नियम है।
शिक्षा विभाग द्वारा 90 प्रतिशत कोटा के अंतर्गत पदोन्नति किया गया है, लेकिन 10 प्रतिशत कोटा अंतर्गत भर्ती लंबित है। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती तथा पदोन्नति नियम 5 मार्च 2019 एवं 13 फरवरी 2026 के अनुसूची-दो में 10 प्रतिशत पदों पर अशासकीय/निजी अनुदान प्राप्त स्कूल/स्वायत्तशासी निकाय में कार्यरत शिक्षकों के सीमित परीक्षा के माध्यम से सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने का उल्लेख है। यह भर्ती लोक सेवा आयोग द्वारा किए जाने का प्रावधान है, जिस पर सकारात्मक चर्चा हुआ है। उन्होंने कहा कि सहायक शिक्षक संवर्ग को त्रि-स्तरीय समयमान वेतनमान स्वीकृति एवं सीमित विभागीय परीक्षा से चयनित प्रधानपाठक पूर्व माध्यमिक को समयमान वेतनमान स्वीकृति के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुआ है। फेडरेशन का कहना है कि प्रधानपाठक प्राथमिक शाला को वित्त निर्देश 15/2023 दिनांक 9/5/23 द्वारा प्रथम उच्चतर वेतनमान 9300-34800+4400 (लेवल 10) तथा द्वितीय उच्चतर वेतनमान 15600-39100+5400 (लेवल 12) स्वीकृत हुआ है, लेकिन प्रधानपाठक पूर्व माध्यमिक जो कि राजपत्रित है।
को समयमान वेतनमान स्वीकृति आदेश जारी नहीं हुआ है। जिसके कारण प्राथमिक शाला के प्रधानपाठक का वेतन माध्यमिक विद्यालय के प्रधानपाठक से अधिक हो गया है। फेडरेशन द्वारा ज्ञापन निरंतर दिया जाता रहा है, लेकिन विभाग समाधान नहीं कर पा रहा है।
फेडरेशन का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार के सभी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों को वित्त विभाग के आदेश 28/4/2008 (वित्त निर्देश 11/2008) द्वारा दो स्तरीय समयमान तथा आदेश दिनांक 8/8/2018 (वित्त निर्देश 43/2018) द्वारा तृतीय समयमान वेतनमान का लाभ मिल गया है, लेकिन सहायक शिक्षक (ई एवं टी संवर्ग) के पद पर नियुक्त हुए शिक्षकों को त्रि-स्तरीय समयमान वेतनमान का लाभ नहीं मिला है। उनको आज पर्यन्त क्रमोन्नत योजना का वेतन मिला है। जबकि छत्तीसगढ़ शासन ने 1 अप्रैल 2006 से क्रमोन्नत योजना को संशोधित कर समयमान वेतन योजना को लागू कर दिया था।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने एनपीएस और ओपीएस कटौती में कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति लाभ पर विस्तृत चर्चा किया है। फेडरेशन के कहना है कि एनपीएस योजना के तहत नवंबर 2012 से कर्मचारी एवं सरकार द्वारा 10 प्रतिशत अंशदान जमा हो रहा था, लेकिन सरकार ने ओपीएस योजना को 1/4/2022 से लागू किया है। जिसको नवंबर 2012 से लागू करना चाहिए।


