राजनांदगांव

बच्चे - युवा पारंपरिक खेलों का लिए मजा
31-May-2026 9:30 PM
बच्चे - युवा पारंपरिक खेलों का लिए मजा

महिलाओं ने कहा बचपन की यादे हुई ताजा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजनांदगांव, 31 मई। हर रविवार को मस्ती की पाठशाला में भीड़ बढ़ती जा रही है। अलसुबह से बच्चे अपने परिवार के साथ पहुंचकर पारंपरिक खेलों का मजा ले रहे हैं। सर्किट हाउस के सामने तथा चौपाटी एवं उसके सामने भीड़ का नजारा देखने को मिलता है।

बच्चे एवं युवा सभी खेलों का आनंद लेकर अपनी प्रतिभा दिखाते है। उपस्थितजनों में जहां महिलाओं ने कहा कि आज हमारे पारंपरिक खेल बांटी, भौरा, गिल्ली डंडा, बिल्लस जो लुप्त होते जा रहे हैं, वो मस्ती की पाठशाला में देखने को मिलती है। उन्होंंने कहा कि यहां आने से हमारी बचपन की यादे ताजा हो जाती है। वहीं पुरूषों ने कहा कि जो बच्चे छुट्टी के दिन देर तक सोये रहते थे, वे बच्चे सुबह 5 बजे से उठकर पाठशाला में आ जाते हैैं। उन्होंने कहा कि आज मोबाइल के कारण लोग परिवार और समाज से दूर होते जा रहे है, यहां आकर बच्चों को एक-दूसरे के साथ मिलकर खेलते देख ऐसे लगता है कि हमारा बचपन वापस आ गया। सभी ने मस्ती की पाठशाला आयोजन के लिए महापौर सहित निगम प्रशासन का धन्यवाद दिया।

मस्ती की पाठशाला में हर सप्ताह नया देखने को मिलता है। इस रविवार का आकर्षण बोरा दौड़, बांटी-चम्मच दौड़, आलू दौड़, रस्साकसी प्रमुख रूप से था। इसके अलावा मटकी फोड़, मोमबत्ती जलाओ, बिल्लस, बाटी, भौरा, पिट्टुल तथा रस्सी कूद, बैडमिंटन, तीरंजदाजी, जम्प, कराटे आदि पारंपरिक खेल का बच्चे एवं युवाओ ने बहुत आनंद उठाया। उक्त खेलों में पुरस्कार भी दिया गया। छोटे बच्चे अपने भाई-बहन व दोस्तों के साथ झूलाझुल, फिसलपट्टी में फिसलकर मजा लेने के साथ-साथ छोटे-छोटे खेल में रिंग डालना,  निशाना लगाना, ऊंची कूद  में भाग लिए।

साथ ही पतंजलि भारत स्वाभिमान न्यास तथा योगासन स्पोर्टस एसोसिएशन गु्रप के साथ योग करने के अलावा रीदम रिवाल्युसन ग्रुप के साथ बड़ी संख्या में छोटे, बड़े बच्चे परिवार सहित जुम्बा डॉस में थिरकते नजर आए। वहीं छोटे-छोटे बच्चों ने ड्राईंग सीट में चित्रकारी के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया। जिसमें अच्छी चित्रकारी करने वाले बच्चों को यामिनी कला केन्द्र के द्वारा पुरस्कृत किया गया।

बाली अखाड़ा के छोटे-बड़े  बच्चों ने आग का गोला घुमाने के अलावा अखाड़ा के विभिन्न प्रदर्शन किए, जिसे देख लोग आश्चर्यचकित रह गए। आज की पाठशाला को सफल बनाने में बाडी टेक जीम, रीदम रिवाल्युसन गु्रप, योगा ग्रुप, मदर टेरेसा गु्रप, ब्लड डोनेड संघ, यामिनी कला केन्द्र, राजनांदगांव रनर गु्रप सहित खेल जगत से हॉकी, कराटे, तीरंदाजी के अलावा अन्य संघों की महती भूमिका रही।


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