राजनांदगांव
अदालत ने दोनों को दी उम्रकैद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 3 मई। लालबाग थाना क्षेत्र के ग्राम लिटिया में 2022 में एक बहुचर्चित हत्याकांड के मामले में स्थानीय न्यायालय ने महिला और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। लिटिया में एक युवक की महिला ने अपने पूर्व प्रेमी संग मिलकर जघन्य हत्या कर दी थी।
महिला विवाह के पश्चात अपने मायके में ही रह रही थी। वह गांव के एक युवक के साथ संपर्क में रहते हुए बाहर आना-जाना भी करती थी। इस बीच युवक महिला से नजदीकी बढ़ाते हुए दबाव बना रहा था। इससे तंग आकर उसकी हत्या कर दी। तत्कालिन लालबाग थाना प्रभारी जितेन्द्र वर्मा और उनकी टीम ने हत्याकांड में शामिल आरोपियों को कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ा था।
मिली जानकरी के मुताबिक 13 जुलाई 2022 को लिटिया के रहने वाले एक युवक हिरावन मंडले की हत्या की खबर मिलने के बाद थाना प्रभारी जितेन्द्र वर्मा अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रथम दृष्टया हत्या मानते हुए घटनास्थल को सील कर दिया। जांच में फारेंसिक टीम ने घर के कमरों के दीवारों में खून के छींटे भी देखे। इसके बाद जांच शुरू हुई।
पुलिस ने मृतक की कॉल डिटेल में पाया कि मोमिन वर्मा (28 वर्ष) का गांव के युवक हिरावन मंडले से बातचीत था और वह अक्सर शहर और अन्य इलाकों में उसके साथ आना-जाना करती थी। इस बीच मृतक आरोपी महिला से इश्क करने लगा और वह उसके करीब आने लगा। कई विषयों पर महिला को मृतक रोकटोक भी करता था। इससे तंग आकर उसने पूर्व प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। 13 जुलाई की घटना को रात को महिला ने मृतक को घर बुलाया और उसकी धारदार हथियार से हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को लावारिस हालत में सूनसान स्थान में फेंक दिया। पुलिस ने तीन दिनों तक जमीन-आसमान एक कर हत्या से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए। आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। आरोपियों को विरूद्ध पुलिस ने न्यायालय में दोष सिद्ध करने में कामयाब रही। पुलिस के द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
मूसलाधार बारिश के बीच हथियार और अन्य साक्ष्य बटोरे
लालबाग थाना प्रभारी जितेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में आरोपियों को उनके गुनाहों का सजा दिलाने के लिए जमीनी स्तर पर पुलिस को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। विशेषकर बरसात के चलते पुलिस को सबूत जुटाने की एक कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। आरोपियों ने हत्या के बाद हथियार को उफनते नाले में फेंक दिया। गोताखोरों की मदद से किसी तरह घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद किया। इसके अलावा घर के कमरों के दीवारों में खून के छींटों का सैम्पल लेने के लिए भी पुलिस को फारेंसिक टीम की मदद से बड़ी राहत मिली। आरोपियों की पहचान के लिए भी पुलिस को 2 से 3 दिन का वक्त लग गया। बहरहाल पुलिस ने युवक की हत्या के आरोपियों को पुख्ता सबूतों के आधार पर जेल के सलाखों के पीछे भेजकर पीडि़त परिजनों को न्याय दिलाया।


