राजनांदगांव

अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस पर सफल आयोजन
03-May-2026 4:40 PM
अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस पर सफल आयोजन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 3 मई। अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस पर अर्पण नृत्य समागम चक्रधर कत्थक कल्याण केंद्र का सफल आयोजन हुआ। नि:शुल्क नृत्य प्रशिक्षण शिविर में महाराष्ट्र का लावणी व जोगवा  नृत्य के साथ पश्चिम बंगाल का झुमुर नृत्य गुजरात का गरबा नृत्य और गायन के माध्यम से गणेश वंदना ने दर्शनार्थियों का मन मोहा।

संस्कारधानी राजनांदगांव की शिक्षा, संस्कृति और संस्कार के लिए समर्पित चक्रधर कथक कल्याण केन्द्र अपनी स्थापना की 44वीं पड़ाव पर संस्कारधानी की कुलदेवी मां शीतला के श्री चरणों में छग पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा द्वारा दीपदान अर्पण नृत्य समागमन का शुभारंभ किया।  इस अवसर पर पं. श्री राज महराज, शैलेन्द्र बुद्धदेव, कवि  पद्मलोचन शर्मा, डॉ. खिलेश्वरी साव, पालकगण एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति  में शुभांरभ हुआ। ज्ञात हो कि चक्रधर कल्याण केंद्र के संस्थापक डॉ. कृष्ण कुमार सिन्हा के संयोजन में विगत पैंतीस वषों से अपर्ण नृत्य समागम सनातन मंदिर परंपरा के अन्तर्गत कवि, लेखक, शिल्पकार, संगीतकार, नृत्यकार अपने गुरूओं से प्राप्त भारतीय ज्ञान पंरपरा के अंतर्गत अपने अराध्य देवी-देवता के समक्ष अपनी कला के माध्यम से हाजरी करने का विधान मिलता  हैं।

इन्हीं सनातन परंपरा को संपूर्ण छत्तीगढ़ में केवल एकमात्र संस्कारधानी राजनांदगांव की कुलदेवी श्री शीतला माता मंदिर में विगत वर्षों से चक्रधर कथक कल्याण केन्द्र (संगीत महाविद्यालय) के डॉ. कृष्ण कुमार सिन्हा द्वारा युवा एवं बच्चों मे संस्कार का  बीजा रोपण करने का प्रयास किया जा रहा है।
नि:शुल्क नृत्य शिविर में प्रमुख दिग्दर्शक (कोरियोग्राफर) मुंबई के विनोद कोरी द्वारा महाराष्ट्र का विश्व प्रसिद्ध लावणी नृत्य और देवी मां को समर्पित ‘जोगवा नृत्य’ जिसे मुख्य रूप से महिलाएं करती है। इसी के साथ गुजरात का ‘गरबा नृत्य’ नवरात्रि मेड्ड महिलाएं घट स्थापना कर उसके चारों तरफ नौ दिनों तक नृत्य करती है। वहीं पश्चिम बंगाल के कोरियोग्राफर, बहुमुखी प्रतिभाशाली शुभोजित डे द्वारा पश्चिम बंगाल का पारपंरिक लोक नृत्य ‘झुमुर नृत्य’  के दो प्रकारों की प्रस्तुति हुई। उक्त जानकारी संस्था के तुषार सिन्हा ने दी। 


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