राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 2 मई। मध्य भारत में शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी संस्था युगांतर पब्लिक स्कूल में बियांड टीचिंग इम्पैक्टफुल क्लास रूम पर प्रभावी वर्कशाप शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए आयोजित हुई।
इस वर्कशाप में एनएलपी ट्रेनर दीप्ति बिंदल ने न्यूरो लिंगविस्टिक प्रोग्राम के जरिये शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का सामना कैसे करें। इसे विस्तार से समझाया। उन्होंने आगे बताया कि शिक्षा नीति में नित नए परिवर्तनों को कैसे स्वीकार किया जाए, जिससे हमारा व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास हो सके। इसके लिए उन्होंने कई रोचक गतिविधियाँ कराई। उन्होंने शिक्षक-शिक्षिकाओं को विद्यार्थियों के अवचेतन मन की जानकारी भी दी। विद्यार्थियों के लिए मेटाफर (रूपक अलंकार) के जरिए सदैव सकारात्मक कमेंट्स करने चाहिए, जिससे वे शिक्षक.शिक्षिकाओं से जुड़ सके। विद्यार्थियों के कार्यों की समीक्षा के दौरान सकारात्मक विचार रखना जरूरी होता है ए जिससे उनके कार्यों में सुधार हो सके। उन्होंने शिक्षक-शिक्षिकाओं को सकारात्मकता अपनाने के लिए ऊर्जा से भरपूर बनाए रखने के लिए कई रोचक फनी गतिविधियाँ कराईए जिसका सभी शिक्षक.शिक्षिकाओं ने भरपूर लुत्फ उठाया।
उन्होंने शिक्षक-शिक्षिकाओं के जीवन की कठिनाइयों को गतिविधि द्वारा दूर करने का प्रयास भी किया। उन्होंने वन फुल डे के सेशन में बच्चों के न्यूरोलॉजिकल कनेक्शन डेवलप करने के कई टिप्स दिए। उन्होंने बच्चों की लर्निंग को स्ट्रांग बनाने, उनकी पर्सनाल्टी डेवलप करने तथा क्लास को एनर्जिटिक बनाने के तरीके बताए। इससे बच्चे इन्स्पायर होकर जो सीख रहे हैं, उसे लंबे समय तक याद रख सकें। उन्होंने टीचर्स की क्लास के बियांड जाकर जिम्मेदारियों को भी रेखांकित किया।
वर्कशाप के उपरांत शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की। विद्यालय के प्राचार्य मधुसूदन नायर ने बताया कि आयोजन उत्साह और ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। शिक्षा के क्षेत्र में आई चुनौतियों का सामना करने के लिए इस तरह के वर्कशाप महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने वर्कशाप की सफलता पर दीप्ति बिंदल को बधाई दी। उन्होंने भी फनी एक्टिविटीज में भाग लिया। वर्कशाप का फीड बैक देते हुए कंचन सोहलए अर्पण मसीह और राजेश चौबे ने इसे बहुत उपयोगी वर्कशाप बताया। वर्कशाप के सफल आयोजन विद्यालय के प्राचार्य के मार्गदर्शन में पीआरओ स्पोट्र्स ऑफिसर दिनेश प्रताप सिंहए हेड मिस्ट्रेस विनीता तिलवानी सहित म्यूजिक विभाग ने अहम योगदान दिया।


