राजनांदगांव
मेडिकल इंटन्र्स के लिए हास्टल और डोंगरगढ़ को आस्था पथ से जोडऩे की सौगात
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 25 फरवरी। छत्तीसगढ़ सरकार ने बजट में राजनांदगांव में फिजियोथैरेपी कॉलेज खोलने की घोषणा की है। इसके अलावा मेडिकल इंटन्र्स के लिए छात्रावास और डोंगरगढ़ को सीएम आस्था पथ योजना की सौगात दी है। सरकार ने रोड कनेक्टिविटी बढ़ाने के इरादे से राजनांदगांव को अंतागढ़ तक जोडऩे के लिए सडक़ निर्माण की मंजूरी दी है। इन घोषणाओं को जिले के ऐजुकेशन हब के लिए लाभकारी माना जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने करीब एक लाख 72 हजार करोड़ के बजट में राजनांदगांव के लिए बुनियादी और मेडिकल एजुकेशन के लिए राशि देने का ऐलान किया है। सरकार ने एक फिजियोथैरेपी कॉलेज खोलने की घोषणा की है। साथ ही मेडिकल कॉलेज में 35 करोड़ की लागत से मेडिकल इंन्टर्स के लिए छात्रावास की सौगात दी है। सरकार ने डोंगरगढ़ को सीएम आस्था पथ से जोडऩे की घोषणा की है। पर्यटन के दृष्टिकोण से सरकार ने डोंगरगढ़ को प्रदेश के अन्य शक्ति केंद्रों से जोडऩे का निर्णय लिया है।
उधर बजट में राजनांदगांव से अंतागढ़ तक सडक़ निर्माण की घोषणा से उत्तर बस्तर तक सडक़ का विस्तार होगा। बजट में राजनांदगांव जिला मुख्यालय में एक अत्याधुनिक तहसील कार्यालय के लिए भी राशि का प्रावधान रखा गया है। कलेक्टोरेट में नया मीटिंग हाल और वीडियो कांफ्रेसिंग रूम निर्माण के लिए भी राशि की स्वीकृति मिली है। बताया जाता है कि सरकार ने उक्त कार्यो के लिए 5 करोड़ रूपए मंजूर किए है। इधर जिले की सडक़ों के जीर्णोद्वार और नई सडक़ निर्माण के लिए भी बजट में करोड़ों रूपए की स्वीकृति मिली है। बताया जा रहा हैं कि शासन ने उक्त घोषणा के लिए राशि का प्रावधान किया है।
प्रदेश की उन्नति में नांदगांव का भी योगदान- कोठारी
भाजपा सरकार के सालाना बजट की तारीफ करते जिला महामंत्री सौरभ कोठारी ने कहा कि बजट पूरी तरह से समावेशी है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दूरदर्शी सोच के अनुसार बजट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिले में फिजियोथैरपी कॉलेज व अन्य सौगात रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास का समावेशी घोषणा है। निश्चित तौर पर इस बजट के बूते राज्य की तरक्की में राजनांदगांव का भी योगदान रहेगा।
जन अपेक्षाओं से कटा साय सरकार का बजट - मुदलियार
साय सरकार के तृतीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने बजट को ‘जनअपेक्षाओं से कटे हुए दस्तावेज’ की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि बजट में विकास के दावे तो बड़े हैं, परंतु ठोस प्रावधानों का अभाव साफ दिखाई देता है। युवाओं के लिए रोजगार सृजन, रिक्त पदों पर भर्ती और कौशल उन्नयन जैसे मुद्दों पर स्पष्ट रोडमैप नहीं दिया गया। जिससे बेरोजगारों में निराशा बढ़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई जैसी बुनियादी जरूरतों के प्रति बजट में गंभीरता नहीं दिखी।


