राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 10 जनवरी। रायल किड्स कान्वेंट के उपाध्यक्ष अशोक चौधरी ने विश्व हिंदी दिवस पर कहा कि हिंदी है हम, हिंदी हमारे दिल में है, हिंदी हमारी जीव पर है और हिंदी बोलने वाले हर व्यक्ति को गर्व होना चाहिए कि वह विश्व के सबसे वैज्ञानिक भाषा का वक्ता है।
इस अवसर पर हमें गर्व महसूस करना चाहिए कि हिंदी दुनिया की सबसे बढ़ती हुई भाषा भी है। यह विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोले जाने वाली भाषा है। भारत की लगभग 45 प्रतिशत जनसंख्या हिंदी में बातचीत करती है। विश्व हिंदी दिवस केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि दुनिया में हिंदी के बढ़ते प्रभाव और इसके संस्कृतिक शक्ति का प्रतीक है। 10 जनवरी 1975 को नागपुर में आयोजित पहले हिंदी सम्मेलन की स्मृति में इसे हर साल अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है।
विश्व में हिंदी के बढ़ते प्रभाव का एक कारण यह भी है कि दुनिया के सबसे बड़ा बाजार भारत ही है और अपने उत्पादों को पहुंचाने के लिए उन्हें हिंदी भाषा की जानकारी रखना आवश्यक है। आज अमेरिका में प्राथमिक स्कूलों में भी हिंदी की पढ़ाई प्रारंभ हो गई है। हिंदी दिवस वर्ष में दो बार मनाई जाती है। एक बार 14 सितंबर को भारत में और विश्व स्तर पर 10 जनवरी को। हम जो बोलते हैं, वही लिखते हैं, जो हम सोचते हैं वही बोलते हैं।


