राजनांदगांव

महापौर-कलेक्टर ने लिया जल संयंत्र गृह का जायजा
07-Jan-2026 4:26 PM
महापौर-कलेक्टर ने लिया जल संयंत्र गृह का जायजा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 7 जनवरी।
महापौर मधुसूदन यादव एवं कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने मोहारा जल संयंत्र गृह का जायजा लिया।  महापौर ने ग्रीष्म ऋतु के पूर्व संयंत्र का संधारण करने सभी पंप दुरूस्त कर आवश्यक समाग्री का पर्याप्त भण्डारण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मोहारा के 10, 17 एवं 27 एमएलडी प्लांट का निरीक्षण कर जल शोधन प्रक्रिया देख शिवनाथ नदी में रॉ-वाटर के संग्रहण की जानकारी ली।

महापौर ने मोहारा जल संयंत्र गृह के तीनों प्लांट का क्रमश: निरीक्षण कर कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी ली। उन्होंने  कहा कि ग्रीष्म ऋतु के पूर्व एलम, ब्लीचिंग तथा क्लोरिन गैस व अन्य आवश्यक सामाग्री का पर्याप्त भंडारण रखे, पंप आदि को दुरूस्त रखे, अतिरिक्त मोटर भी रखे, ताकि खराब होने की स्थिति में बदला जा सकें। उन्होंने प्लांट के सीएफएल व फिल्टर बेड के अलावा सभी पानी टंकियों  की सफाई करने के भी निर्देश दिए। जिससे आम जनता को गर्मी में सुचारू रूप से पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

कलेक्टर ने जल शोधन की प्रक्रिया देखी तथा एलम की उपलब्ध मात्रा की जानकारी लेकर गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने कहा। उन्होंने तीनो प्लांट तथा जलशोधन प्रक्रिया की जानकारी ली। नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने विस्तार से जलशोधन की जानकारी देते बताया कि मोहारा स्थित शिवनाथ नदी से इंटकवेल के माध्यम से जलशोधन हेतु रॉ वाटर लेकर क्रमश: 27 एमएलडी, 10 एमएलडी पुराने प्लांट तथा अमृत मिशन द्वारा वर्तमान में निर्मित 17 एमएलडी फिल्टर प्लांट में जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया की जाती है। इसके पश्चात फिटकरी व क्लोरिंन डाल कर पानी को किटाणु रहित किया जाता है।
आयुक्त ने जानकारी दी कि पानी के उपचार में फिल्टर बेड का इस्तेमाल, तरल पदार्थ से ठोस पदार्थो को अलग करने किया जाता है। फिल्टर बेड के जरिये पानी को छिद्रपूर्ण माध्यम या फिल्टर से गुजारा जाता है। शुद्धिकरण पश्चात शहर के 15 टंकी में भरने के पश्चात पाईप लाइन के माध्यम से शहर में पेयजल सप्लाई की जाती है।

कलेक्टर ने जलशोधन की प्रक्रिया देखने के पश्चात फिल्टर प्लांट के लेब का निरीक्षण किया और विभिन्न प्रकार के टेस्ट को देख पानी की सप्लाई उचित मानक में है या नहीं की जॉच कर जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पाईप लाइन लिकेज एवं गंदा पानी आने की शिकायत का त्वरित निराकरण करे। किसी भी प्रकार की खराबी आने पर आमजनों को भी सूचित करें। उन्होंने शिवनाथ नदी में रॉ वाटर के संग्रहण की जानकारी लेकर कहा कि गर्मी के दिनों में नदी में पानी की कमी होने पर बंाध में स्टोरेज पानी लेने शीघ्र प्रक्रिया करे। इसके अलावा ग्रीष्म ऋतु में पर्याप्त पेयजल सप्लाई के लिए अभी से तैयारी करने निर्देशित किए। उन्होंने अमृत मिशन एजेंसी के ठेकेदार से कहा कि शुद्ध पेयजल सप्लाई में किसी भी प्रकार की कोताही न हो इसका विशेष ध्यान रखे, अगर किसी भी प्रकार की परेशानी आती है तो उसकी सम्पूर्ण जवाबदारी आपकी होगी।
निरीक्षण के दौरान टोपेन्द्र सिंह, सुनील साहू, आलोक श्रोती,  सतीश साहू, अरूण साहू, चंद्रकृत साहू, प्रणय मेश्राम, अनुप पाण्डे, युवराज कोमरे, राजेश मिश्रा, नितिन पाटिल आदि उपस्थित थे।


अन्य पोस्ट