राजनांदगांव

पंडवानी गायिका तरूणा ने विजयनगर में दी शानदार प्रस्तुति
06-Jan-2026 5:15 PM
पंडवानी गायिका तरूणा ने विजयनगर में दी शानदार प्रस्तुति

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 6 जनवरी।
छत्तीसगढ़ की अद्भुत सांस्कृतिक धरोहर पंडवानी की सुरम्य गाथा नागपुर के कलमना विजयनगर में उस समय गूंज उठी जब पद्म विभूषण डॉ. तीजनबाई की शिष्या और छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तरुणा साहू ने अपने सशक्त एवं भावपूर्ण प्रदर्शन से समूचे मेला स्थल को मंत्रमुग्ध कर दिया।

छत्तीसगढ़ की बेटी और वर्तमान में रेल सुरक्षा बल राजनांदगांव में इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ तरुणा साहू ने श्लोक मंडई ‘छत्तीसगढ़ संस्कृति’ कार्यक्रम के मंच पर महाभारत के दो मार्मिक प्रसंग ‘द्रौपदी चीरहरण’  और ‘शंकर/अर्जुन संवाद’ का इतना प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया कि हजारों की संख्या में उपस्थित दर्शकों की आंखें नम हो गई और हर दिल में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व और भावनाओं का ज्वार उमड़ पड़ा।
तरूणा साहू बचपन से ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पंडवानी परंपरा को समर्पित रही है। मात्र 9 वर्ष की आयु से पंडवानी का अभ्यास और मंचन करते आज वे पूरे भारत में छत्तीसगढ़ी लोककला की सशक्त प्रतिनिधि बन चुकी है। उनके गुरुओं में पद्म विभूषण डॉ. तीजनबाई जैसी महान विभूति शामिल हैं। जिनके सान्निध्य में उन्होंने पंडवानी की गहराइयों को आत्मसात किया। छत्तीसगढ़ सरकार और भारत सरकार द्वारा फोक एवं ट्रेडिशनल आर्ट में सम्मान एवं स्कॉलरशिप प्राप्त करने वाली तरुणा साहू न केवल एक समर्पित लोक कला साधक हैं, बल्कि अपनी पुलिस सेवा के दायित्वों का भी अत्यंत निष्ठा से निर्वहन करती है। समाजसेवा और संस्कृति/संरक्षण के इस अद्भुत समन्वय ने उन्हें विशिष्ट व्यक्तित्व प्रदान किया है।


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