राजनांदगांव
पुलिस पहुंची मौके पर, हिन्दूवादी संगठनों ने की कड़ी आपत्ति
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 6 जनवरी। राजनांदगांव शहर से सटे धर्मापुर में ईसाई मिशनरियों द्वारा कथित रूप से एक आश्रम चलाने व मतांतरण करने के मामले को लेकर बवाल खड़ा हो गया। वहीं कांकेर जिले के आमाबेड़ा से 10 अनाथ आदिवासी बच्चों को आश्रम में अनुचित तरीके से रखने का भी मामला सामने आया है। इस संबंध में एसपी अंकिता शर्मा ने ‘छत्तीसगढ़’ से कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। कहीं कोई विवाद की बात नहीं है। पुलिस कानूनी आधार पर कार्रवाई कर रही है।
पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि उक्त आश्रम को राजनांदगांव के रहने वाले डेविड चाको द्वारा संचालित किया जा रहा है। चाको ने एक किसान से सिलाई मशीन केंद्र और आवास के नाम पर जमीन की खरीदी की थी, लेकिन इससे परे आश्रम चलाने के साथ मतांतरण की जानकारी सामने आई है। इस मामले को लेकर हिन्दू जागरण मंच और अन्य हिन्दूवादी संगठन ने कड़ा विरोध जताया है। हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने तत्काल धर्मापुर में चल रहे आश्रम को बंद करने तथा दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इस बीच सीएसपी वैशाली जैन के अलावा अन्य पुलिस अफसर और जवान स्थिति को सम्हालने के लिए मौके पर तैनात है।
बताया जा रहा है कि राजनांदगांव के नेहरू नगर के रहने वाले डेविड चाको पर आश्रम को चलाने के मामले में गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। चाको स्वयं को पेंटागोस चर्च बिलासपुर का प्रतिनिधि बताते हैं। इस भवन में संचालित गतिविधियों को लेकर एक कथित आडियो भी प्रसारित हुआ है। जिसमें वे आमाबेड़ा के आदिवासी बच्चों की मौजूदगी की पुष्टि कर रहे हैं। यह भी जानकारी मिली है कि आश्रम में बच्चों को नियम के विरूद्ध रखा गया है। यानी प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं दी गई है। महिला बाल विकास अधिकारी द्वारा मामले की छानबीन करने के निर्देश दिया गया है। बहरहाल धर्मांतरण का आरोप लगाकर हिन्दूवादी संगठन वहां विरोध करने एकजुट हुए हैं।


