राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 4 जनवरी। जिला प्रसाशन द्वारा शुक्रवार की सुबह जानकारी जारी किया गया कि जगमडवा, हनईबंन मरदकठेरा चूना ब्लाक को निरस्त कर दिया गया है। सूचना मिलने के बाद इस क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस लिया।
चूना ब्लॉक के खनन को लेकर बीते माह भर से ग्रामीण काफी चिंतित थे। जो किसान आंदोलन में सामिल होकर लगातार अपना विरोध प्रदर्शन करते आ रहें थे। कल शनिवार को भी इसे लेकर किसान एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करने वाले थे। ज्ञात हो कि इस चूना ब्लाक में एक बड़ा इलाका जिसमें लगभग दो दर्जन से भी अधिक गांव चपेट मे आ रहा था। यह पूरा इलाका कृषि प्रधान क्षेत्र है। मिट्टी कृषि कार्य के लिऐ काफी उपजाऊ है। क्षेत्र के किसान वर्ष में तीन फसल लेकर बेहतर पैदावार करते आ रहे हैं। ब्लाक को निरस्त करने के बाद अलग अलग अटकलें का दौर शुरू हो गया है।
आगे मिली जानकारी अनुसार जगमड़वा, हनाईबन, मरदकठेरा चूना पत्थर ब्लॉक को निरस्त कर दिया गया है। यह ब्लॉक लगभग 304-209 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ था और क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा खनिज ब्लॉक माना जाता था। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा जी.2 स्तर पर किए गए विस्तृत भूवैज्ञानिक अध्ययन में इस क्षेत्र में लगभग 52.745 मिलियन टन चूना पत्थर का विशाल भंडार दर्ज किया गया था। पर्याप्त खनिज क्षमता के बावजूद संबंधित कारणों से इस ब्लॉक को निरस्त किए जाने का निर्णय लिया गया है। जनप्रतिनिधियों ने सरकार का जताया आभार। जगमडवा, हनईबन, मरदकठेरा चूना ब्लाक को निरस्त करने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा के साय सरकार का आभार जताया। उन्होंने बताया कि किसानों की मांग सघन क्षेत्र और उपजाऊ कृषि भूमि की जानकारी सरकार को देकर लगातार इस चूना ब्लाक को निरस्त करने निवेदन कर रहें थे। ताकि क्षेत्र के किसानों को अपना जीवन यापन करने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना करना न पड़े। अंतत: सरकार किसान हित को ध्यान में रखकर इस चूना ब्लाक को निरस्त किया है। सरकार के इस फैसले पर पूर्व विधायक कोमल जंघेल,विक्रांत सिंह, खम्मन ताम्रकार,अध्यक्ष प्रियका ताम्रकार, बिशेषर साहू, ललित चोपड़ा, पुष्पा प्रकाश जंघेल, राजू जंघेल, सभापति डोमार सिंह, सहित अन्य जनप्रतिनिधि ने सरकार का आभार जताया है।


