राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 30 दिसंबर। विद्युत मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियमन 2020, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा जारी मीटरिंग कोड एवं छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा बनाए गए नियमों के पालन में सभी घरेलू, गैर घरेलू एवं शासकीय विभाग के कनेक्शनों में (कृषि पंपों को छोडक़र) पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदला जा रहा है।
यह कार्य भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त निर्देशों पर आरडीएसएस योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। इस स्कीम के तहत राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं मोहला-मानपुर-अं. चौकी जिले में 2 लाख 70 हजार 688 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। स्मार्ट मीटर लगने के साथ ही उपभोक्ताओं को मोर बिजली एप के माध्यम से हर आधे घंटे की खपत का रिकॉर्ड मिलने लगा है।
शहर के जीवन कालोनी के रहवासी संजय मिश्रा ने बताया कि बिजली विभाग ने उनके घर में स्थापित पुराने विद्युत मीटर को बदलकर नए स्मार्ट मीटर लगाया है। दो महीने पहले स्थापित इस स्मार्ट मीटर से वे मोबाइल पर घर में विद्युत खपत की हर एक-एक यूनिट की जानकारी हासिल कर पा रहे हैं। इससे उन्हें घर में उपलब्ध विद्युत सामग्री जैसे फ्रिज, एसी, टीवी, ट्यूबवेल, हीटर, गीजर, पंखे, लाइट इत्यादियों के विद्युत खपत को समझने में सुविधा मिल रही है। साथ ही विद्युत बचत करने का प्रोत्साहन भी मिल रहा है और हर आधे घंटे की खपत का रिकार्ड में मोर बिजली ऐप से अपने घर का खपत भी देख पा रहे हैं।
विद्युत विभाग के पब्लिसिटी आफिसर धर्मेन्द्र शाह मंडावी ने बताया कि राजनांदगांव वृत्त के अंतर्गत राजनांदगांव जिले में कुल 235230, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में 81213 एवं मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले में 62008 घरेलू, गैर घरेलू एवं शासकीय विभाग के कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा है कि स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेगी एवं सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार होगा। स्मार्ट मीटर लगाने का काम समय-सीमा में पूर्ण करने कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई है।
श्री मंडावी ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए उपभोक्ताओं से कोई भी शुल्क नहीं लिया जा रहा है। राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं मोहला-मानपुर-अं. चौकी जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य जीनस कंपनी द्वारा किया जा रहा है। जिनके कर्मचारी यूनिफार्म एवं विद्युत विभाग के प्राधिकृत अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित आईकार्ड के साथ कार्यालयीन समय में मीटर लगाने का कार्य करते हैं। किसी भी उपभोक्ताओं को इन कर्मचारियों से कोई भी शिकायत हो तो संबंधित जोन या वितरण केंद्र के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।


