रायपुर
रायपुर, 2 जून। मालवीय रोड स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में आयोजित 10 दिवसीय शिक्षण शिविर के दूसरे दिन आध्यात्मिक, धर्ममय और अत्यंत ज्ञानवर्धक वातावरण रहा।बच्चों में बचपन से ही दान, त्याग और धर्म के प्रति समर्पण के संस्कार जागृत करने के उद्देश्य से एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान नन्हे बालक युवान जैन ने बोली लगा शांति धारा की। और आन्वी को शांतिधारा वाचन का अवसर प्राप्त हुआ। शिविर में आए नन्हे-मुन्ने बच्चों को बाल बोध भाग–1' एवं भाग-2 का गहन अध्ययन कराया गया। खेल-खेल में बच्चों को जैन धर्म के मूलभूत सिद्धांतों, सदाचार और दैनिक जीवन के नैतिक मूल्यों व संस्कारों से परिचित कराया गया। बड़ों का स्वाध्याय महिलाओं और युवाओं के वर्ग में प्रसिद्ध जैन ग्रंथों का स्वाध्याय कराया गया। आज विद्वानों द्वारा छहढाला की द्वितीय ढाल के गूढ़ रहस्यों को समझाया गया और साथ ही इष्टोपदेश ग्रंथ की सूक्तियों का वाचन कर आत्म-कल्याण और मानसिक शांति का मार्ग प्रशस्त किया गया।


