रायपुर

हिंदी पत्रकारिता के द्विशताब्दी पर विशेष व्याख्यान का आयोजन
31-May-2026 7:17 PM
हिंदी पत्रकारिता के द्विशताब्दी पर विशेष व्याख्यान का आयोजन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 31 मई। हिंदी पत्रकारिता के द्विशताब्दी के अवसर पर कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडल और छत्तीसगढ़ मित्र ने एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया । इस कार्यक्रम का मुख्य विषय हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष और आदि संपादक पंडित युगल किशोर शुक्ल का विजन रहा।

व्याख्यान में 30 मई 1826 को  कोलकाता से शुरू हुए हिंदी के पहले साप्ताहिक पत्र उदंत मार्तण्ड के सफर तथा इसके दूरदर्शी संपादक पंडित युगल किशोर शुक्ल के संघर्षों को याद किया।उस दिन ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष द्वितीया महर्षि नारद जयंती मंगलवार था।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डा. राम परिहार ने अपने संबोधन में कहा,पंडित युगल किशोर शुक्ल ने विषम परिस्थितियों में, बिना किसी सरकारी या व्यावसायिक सहयोग के, हिंदी पत्रकारिता की जो लौ जलाई थी, वह आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुकी है। उदंत मार्तण्ड (उगता हुआ सूर्य) ने न केवल हिंदी को जन-जन की भाषा बनाया, बल्कि समाज में चेतना जगाने का भी काम किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के डिजिटल युग में भी पंडित जी की पत्रकारिता के मूल्य—साहस, सत्यनिष्ठा और लोक-कल्याण—उतने ही प्रासंगिक हैं।

विशिष्ट अतिथि डा सुशील त्रिवेदी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक में अद्वितीय भूमिका निभाई है। इस यात्रा के केंद्र में युगल किशोर जी का वह जज्बा है, जिसने औपनिवेशिक दबावों के आगे कभी घुटने नहीं टेके। अतिथि वक्ता हिंदी एकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, साहित्यकार गिरीश पंकज,ने अपने विचार व्यक्त किए।

कान्यकुब्ज सभा और शिक्षा मंडल के अध्यक्ष सुरेश मिश्र ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और व्याख्यान के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। मंच का कुशल संचालन अजय अवस्थी ने किया ।  उपाध्यक्ष संजय अवस्थी,सह सचिव प्रमोद मिश्र अनुराग पांडे,जयशंकर तिवारी आशुतोष द्विवेदी आशीष बाजपेयी संगम तिवारी के द्वारा अतिथियों को शाल स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया । कार्यक्रम राजेंद्र ओझा एवं मृणालिनी ओझा के द्वारा तीस भाषाओं के अखबारों की प्रदर्शनी लगाई गई जिसका सभी ने अवलोकन किया।  कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद सचिव राजेश दीक्षित ने ज्ञापित किया।


अन्य पोस्ट