रायपुर

वित्त सचिव रोहित यादव से पेंशनर्स महासंघ की बैठक
29-May-2026 8:14 PM
वित्त सचिव रोहित यादव से पेंशनर्स महासंघ की बैठक

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 29 मई। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़  के प्रतिनिधिमंडल ने प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव के नेतृत्व में मंत्रालय, में वित्त सचिव रोहित यादव से सौजन्य भेंट की। इसमें पेंशनरों एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न लंबित एवं गंभीर मामलों पर विस्तार से चर्चा की। यह बैठक वित्त सचिव के आमंत्रण पर आयोजित हुई।

महासंघ ने  कहा कि अनेक सेवानिवृत्त कर्मचारी आज भी अपने वैधानिक अधिकारों के लिए विभागों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। महासंघ ने वित्त सचिव के समक्ष विशेष रूप से 88 माह के लंबित डीआर एरियर भुगतान, पेंशन प्रकरणों के अनावश्यक विलंब, जीपीएफ भुगतान में गड़बडिय़ां, सेवानिवृत्ति के दिन समस्त देयकों के भुगतान, कृषि विश्वविद्यालय के पेंशन प्रकरण, उच्च न्यायालय के आदेशों के पालन तथा लंबित पीपीओ जारी करने जैसे विषय प्रमुखता से रखे।

महासंघ ने बताया कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त लगभग 2000 करोड़ की राशि को अंतरिम राहत के रूप में पेंशनरों को वितरित किए जाने की मांग भी बैठक में रखी गई। इसके साथ ही ?10,536 करोड़ की शेष देनदारी एवं डीआर एरियर भुगतान में हो रहे अत्यधिक विलंब पर चिंता व्यक्त करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की गई।

बैठक में जीपीएफ खातों में त्रुटियां, नेगेटिव बैलेंस दर्शाए जाने, रिकॉर्ड संधारण में लापरवाही तथा सेवानिवृत्ति के समय भुगतान में हो रही परेशानियों का मुद्दा भी गंभीरता से उठाया गया। महासंघ ने मांग की कि जीपीएफ रिकॉर्ड का पूर्ण डिजिटलीकरण किया जाए तथा विभागीय त्रुटियों के कारण कर्मचारियों पर किसी प्रकार का आर्थिक भार न डाला जाए।

महासंघ ने यह भी मांग रखी कि सेवानिवृत्ति के दिन ही कर्मचारियों को पीपीओ सहित समस्त वैध देयकों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, जिससे उन्हें आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों से मुक्ति मिल सके। इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने तथा भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने का आग्रह किया गया। बैठक में कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के सेवानिवृत्त प्राध्यापकों की पेंशन एवं महंगाई राहत से जुड़े लंबित मामलों को भी प्रमुखता से रखा गया।

 महासंघ ने  उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा पारित आदेशों के पालन में हो रही देरी का विषय भी उठाया। महासंघ ने कहा कि नियमितीकरण पूर्व की सेवा अवधि को पेंशन योग्य सेवा में जोडऩे के संबंध में उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद प्रकरण पर कार्यवाही लंबित है, दैनिक वेतन भोगी के उपादान भुगतान के अनेक मामलों में अनावश्यक आपत्तियां लगाई जा रही हैं, जिससे पेंशनरों को राहत नहीं मिल पा रही।


अन्य पोस्ट