रायपुर
एटीएफ की बढ़ती कीमतें,और नया शिक्षा सत्र कारण
एक जून से 90 दिनों के लिए फैसला, इंडिगो की दो बजे की दिल्ली उड़ान रद्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 27 मई। सफेद पेट्रोल यानी एयर टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की बढ़ती कीमतों को देखते हुए देश की दोनों बड़ी विमानन कंपनियों ने अपनी उड़ानें कम करने का फैसला किया है। उड़ानों में यह कटौती 5 दिन बाद यानी 1 जून से होने जा रही है। इंडिगो ने तो कैंसिलेशन शुरू भी कर दिया है।
यह भी सुखद खबर है कि दोनों कंपनियां छत्तीसगढ़ सेक्टर की उड़ानें कम करने के पक्ष में नहीं है। यह सेक्टर इनके लिए दुधारू गाय की तरह है। कंपनी के आधिकारिक सूत्रों और ट्रैवल एजेंट्स का कहना है कि रायपुर सेक्टर में उड़ानों की बड़ी मांग है। जो फ्लाइट तीन दिन पहले खाली दिखती है वो डिपार्चर के समय फुल हो जाती है। अंतिम समय में 12-12 हजार रुपए तक का फेयर जाने के बाद भी लोग बुक करते हैं। वहीं नागपुर दिल्ली सेक्टर में 5-6 हजार टिकट होने पर भी फ्लाइट कम पैसेंजर लोड में आपरेट करनी पड़ती है।
रायपुर सेक्टर में इंडिगो की 28 और एयर इंडिया की 3 फ्लाइट आपरेट हो रहीं हैं। इनमें इंडिगो की दिल्ली के लिए 5, बेंगलुरु और हैदराबाद के लिए 2-2, लखनऊ, अहमदाबाद, कोलकाता, भुवनेश्वर, गोवा के लिए 1-1 दिल्ली के लिए 5 उड़ानें हैं। एक दिन में अप डाउन 30 फ्लाइट्स हैं। जो अमूमन फुल कैपेसिटी में चल रहीं हैं।
बहरहाल दोनों ही कंपनियों ने एटीएफ की एटीएफ की बढ़ती कीमतों और कमजोर मांग के चलते 1 जून से अगले 90 दिनों तक घरेलू उड़ानों में कटौती करने का फैसला लिया है। एयर इंडिया ने करीब 15त्न और इंडिगो 5-7 प्रतिशत तक ऑपरेशन कम कर सकती है। मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे कई रूट्स प्रभावित हो सकते हैं।
वैसे भी गर्मी की छुट्टियों के बाद बारिश में यात्रियों की मांग में कमी बताई जा रही है। इसके पीछे कारण स्कूल कालेज का नए सत्र होता है। लोग घरों को लौटने के बाद कम से कम तीन महीने टूर प्रोग्राम नहीं बनाते हैं। उपरोक्त सूत्रों का कहना है कि एटीएफ की कीमतें अब कई शहरों में 1 लाख प्रति किलोलीटर से ऊपर पहुंच चुकी हैं। पहले यही कीमत लगभग 80,000 के आसपास थी। अलग-अलग राज्यों में वैट दरें अलग होने की वजह से एयरलाइंस पर लागत का दबाव और ज्यादा बढ़ गया है। यही कारण है कि कंपनियों को अब कम यात्रियों वाले रूट्स पर उड़ानें चलाना आर्थिक रूप से घाटे का सौदा लग रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े एयरपोर्ट्स से कई रूट्स पर उड़ानों की संख्या घटाई जाएगी। मुंबई से अहमदाबाद, नागपुर, पटना और भोपाल जाने वाली फ्लाइट्स प्रभावित हो सकती हैं। वहीं, दिल्ली से हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता के लिए उड़ानों में भी कमी देखने को मिल सकती है। दक्षिण भारत के कुछ रूट्स पर भी इसका असर पडऩे की संभावना है।
हालांकि, एयरलाइंस ने साफ किया है कि कोई भी रूट पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा। केवल उड़ानों की संख्या कम की जाएगी, ताकि ऑपरेशन को संतुलित रखा जा सके। यात्रियों को अंतिम समय में परेशानी न हो, इसके लिए कई उड़ानों को पहले ही बुकिंग वेबसाइट से हटा दिया गया है।


