रायपुर
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अन्यायपूर्ण स्थिति है- महासंघ
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 27 मई। मंगलवार को अभा सेवा के अधिकारियों को 2 फीसदी डीए भुगतान के आदेश के बाद राज्य संवर्ग के अमले में नाराजगी बढ़ रही है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ने राज्य सरकार पर डीए और डीआर के मामले में दोहरा मापदंड अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है।महासंघ का कहना है कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अन्यायपूर्ण स्थिति है।
महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने कहा कि न्यायिक सेवा, अभा सेवा , और पावर कंपनियों के कर्मचारियों-पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत वृद्धि के साथ 60प्रतिशत डीए/डीआर का लाभ दे दिया गया है, जबकि राज्य सेवा के लाखों कर्मचारी और पेंशनर अब तक इस सुविधा से वंचित हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार ने मोदी की चुनावी गारंटी के तहत केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने का वादा किया था, लेकिन अब उसी वादे की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब न्यायिक सेवा और आईएएस अधिकारियों को 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) मिल सकता है, तो तहसीलदार, शिक्षक, पटवारी, पुलिसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी और अन्य राज्य कर्मचारी इससे वंचित क्यों हैं? इसी प्रकार जब पावर कंपनियों के पेंशनरों को 60त्न महंगाई राहत (डीआर) मिल रहा है, तो मंत्रालय, कलेक्टोरेट, स्कूल-कॉलेजों और अन्य विभागों से सेवानिवृत्त पेंशनरों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि एक ही राज्य में अलग-अलग वर्गों के लिए अलग नियम लागू करना पूरी तरह अनुचित है।
महासंघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष एन आर साहू, आलोक त्रिवेदी, लोचन पांडेय, श्रीमति द्रौपदी यादव, महामंत्री द्वय अनिल गोल्हानी, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, संगठन मंत्री टी पी सिंह, विभागीय प्रदेश संयोजक सुरेश मिश्रा , आर के टंडन, जी आर बसोने, एन के चौबे, चितरंजन साहा, एडवोकेट पूरनसिंह पटेल, श्रीमती लता चावड़ा, कौशलेंद्र मिश्रा, मालिक राम वर्मा, रायपुर जिला के अध्यक्ष आर जी बोहरे, सचिव ओ डी शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार के इस सौतेले व्यवहार से राज्य के लगभग 4 लाख कर्मचारी और 1.46 लाख पेंशनर परिवारों में गहरा असंतोष व्याप्त है। यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो यह असंतोष बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
महासंघ ने सरकार से मांग की है कि राज्य सेवा के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनरों-परिवार पेंशनरों के लिए 1 जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत डीए/डीआर का आदेश तत्काल जारी किया जाए। साथ ही जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक का एरियर नकद अथवा जीपीएफ खाते में एकमुश्त भुगतान किया जाए तथा भविष्य में केंद्र सरकार के समान देय तिथि से डीए/डीआर देने की स्थायी नीति लागू की जाए।


