रायपुर

182 करोड़ के घोटाले में अनवर समेत 12 पर चालान पेश
19-May-2026 9:25 PM
182 करोड़ के घोटाले में अनवर समेत 12 पर चालान पेश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 19 मई। एसीबी ईओडब्ल्यू ने आबकारी निगम में मैनपावर ओवर टाइम भुगतान घोटाले में  गिरफ्तार 12 आरोपियों के विरुद्ध विशेष न्यायालय पहला चालान दायर किया है । इन लोगों ने करोड़ों की राशि निकाल कमीशन लिया था।

 इनमें 12 आरोपियों अनवर ढेबर, नवीन प्रताप सिंह तोमर, तिजऊराम निर्मलकर, अभिषेक सिंह, नीरज कुमार चौधरी, अजय लोहिया, अजीत दरंदले, अमित प्रभाकर सालुंके, अमित मित्तल, एन. उदय राव, राजीव द्विवेदी एवं संजीव जैन शामिल हैं।

एसीबी ने अपनी विवेचना में  बताया कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के मध्य ओवर टाइम, बोनस, 04 अतिरिक्त दिवस कार्य भुगतान एवं उक्त मदों पर सर्विस चार्ज के रूप में लगभग 182.98 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान किया जाना पाया गया। यह  राशि वास्तविक रूप से दवा निगम की दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को दी जानी थी, परंतु राशि का उपयोग कमीशन भुगतान एवं कंपनियों द्वारा स्वयं के आर्थिक लाभ के लिए किया जाना पाया गया। एसीबी ने दो साल पहले दर्ज कर गिरफ्तार जब्त किया था। विवेचना में यह पाया गया कि ष्टस्रूष्टरु में मैनपावर सप्लाई कार्य से संबंधित एजेंसियों को कर्मचारियों के नाम पर ओवर टाइम, बोनस, 04 अतिरिक्त दिवस कार्य भुगतान एवं उक्त मदों पर सर्विस चार्ज के रूप में बड़ी राशि का भुगतान किया गया। दस्तावेजों, कंपनी प्रतिनिधियों के कथनों, ष्टस्रूष्टरु कार्यालयीन गवाहों, दुकान स्तर के कर्मचारियों तथा नगद राशि आवागमन से जुड़े गवाहों के कथनों से यह तथ्य सामने आया कि उक्त राशि वास्तविक रूप से कर्मचारियों को नहीं दी गई।

विवेचना में उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार मैनपावर एजेंसियों को वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच अलग-अलग मदों में निम्नानुसार अतिरिक्त भुगतान किया जाना पाया गया-ओवर टाइम भुगतान लगभग 101.20 करोड़, बोनस भुगतान लगभग 12.21 करोड़,04 अतिरिक्त दिवस कार्य का भुगतान लगभग 54.46 करोड़ ओवर टाइम, बोनस एवं 04 अतिरिक्त दिवस भुगतान पर सर्विस चार्ज लगभग 15.11 करोड़।

इस प्रकार  कुल  182.98 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान सुमीत फैसिलिटीज, प्राईमवन वर्कफोर्स, ए-टू-जेड इन्फ्रासर्विसेस, अलर्ट कमाण्डोज एवं ईगल हंटर सॉल्यूशन्स सहित संबंधित मैनपावर एजेंसियों को किया जाना पाया गया।

विवेचना में प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया कि उक्त राशि ष्टस्रूष्टरु की दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को दी जानी थी, परंतु फर्जी / बढ़े हुए बिलों एवं अधिसमय भुगतान व्यवस्था के माध्यम से राशि आहरित कर उसका उपयोग अधिकारियों एवं संबंधित सिंडिकेट को कमीशन देने तथा कंपनियों के आर्थिक लाभ के लिए किया गया।

29 नवंबर 23 को 28.80 लाख नगद राशि पकड़े जाने की घटना इस अवैध कमीशन व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी रही। उक्त राशि ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड अलर्ट कमाण्डोज प्राइवेट लिमिटेड के देयकों को पारित कराने के एवज में कमीशन के रूा नवीन प्रताप सिंह तोमर तक पहुंचाई जानी थी। उक्त रकम की सुपुर्दगी में तिजऊराम निर्मल एवं अभिषेक सिंह की भूमिका पाई गई।

प्रकरण में प्रस्तुत प्रथम अभियोग पत्र के अतिरिक्त अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका, 3 राशि के उपयोग, निवेश एवं अन्य संबंधित तथ्यों के संबंध में विवेचना जारी है। विवेचना में प्राप्त होने वाले अतिरिक्त साक्ष्यों के आधार पर आगे आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।


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