रायपुर

इंजी -पॉलि में अब साल में दो बार एडमिशन
11-May-2026 9:41 PM
इंजी -पॉलि में अब साल में दो बार एडमिशन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 11 मई। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने अब इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और पॉलिटेक्निक कोर्स में साल में दो बार एडमिशन की सुविधा शुरू करने का फैसला लिया है।

नई व्यवस्था के तहत पहला सेशन जुलाई-अगस्त के बीच और दूसरा जनवरी-फरवरी के बीच आयोजित किया जाएगा। अगर कोई छात्र किसी कारण से पहले सेशन में एडमिशन नहीं ले पाता है, तो उसे दूसरे सेशन में मौका मिल जाएगा. यह सिस्टम विदेशों की शिक्षा व्यवस्था की तरह बनाया गया है, जहां साल में कई बार एडमिशन का विकल्प होता है।

एआईसीटीई ने यह भी साफ किया है कि सभी इंस्टीट्यूट्स के लिए दोनों सेशन में एडमिशन लेना जरूरी नहीं होगा।कॉलेज अपनी सुविधा, फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर और खाली सीटों के हिसाब से तय कर सकते हैं कि वे एक सेशन में एडमिशन करेंगे या दोनों में। इससे इंस्टीट्यूट पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा और वे अपनी क्षमता के अनुसार फैसले ले सकेंगे। अब तक अगर कोई छात्र मेन सेशन में एडमिशन नहीं ले पाता था, तो उसे पूरे एक साल का इंतजार करना पड़ता था।  नई व्यवस्था में ऐसा नहीं होगा। छात्र दूसरे सेशन में एडमिशन लेकर उसी साल अपनी पढ़ाई शुरू कर सकेंगे। इससे उनका समय बचेगा और करियर में देरी नहीं होगी। खासकर उन छात्रों के लिए यह बहुत फायदेमंद होगा, जो किसी कारण से परीक्षा या काउंसलिंग मिस कर देते हैं।

खाली सीटें भरने में मिलेगी मदद

 इस बदलाव से कॉलेजों को भी फायदा होगा।अक्सर कई इंस्टीट्यूट में सीटें खाली रह जाती हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होता है। अब साल में दो बार एडमिशन होने से इंस्टीट्यूट इन खाली सीटों को भर सकेंगे।इससे उनकी आय बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

एआईसीटी कर रहा व्यवस्था

छत्तीसगढ़ का हाल

छत्तीसगढ़ के इंजीनियरिंग कॉलेजों में पिछले कुछ वर्षों से हर साल हजारों सीटें खाली रह जा रही हैं। पिछले वर्ष 2025 में चौथे राउंड की काउंसलिंग के बाद भी लगभग 3950 सीटें रिक्त थीं। राज्य के लगभग 27-30 निजी और सरकारी कॉलेजों में प्रवेश के बावजूद सीटें खाली रहने की समस्या बनी हुई है। ऐसी ही स्थिति पॉलिटेक्निक कॉलेजों में भी है। प्रदेश के 47 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में पिछले पांच साल के न्यूनतम स्तर पर एडिमिशन हुए हैं। इनमें 8664 सीटों में से केवल 22 प्रतिशत ही भर पाई सरकार कॉलेजों में 5276 सीटों में से 16 सौ ने ही एडमिशन लिया। जबकि निजी कॉलेजों में 2702 सीटों में से ढाई सौ ही भरी। प्रदेश में 32 सरकारी 14 निजी कॉलेज और एक पॉलीटेक्निक युनिवर्सिटी है।


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