रायपुर
32 साल पहले हुआ फर्जीवाड़ा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 9 मई। फर्जी वसीयत बनाकर करोड़ों की जमीन हड़पने के मामले में कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है। मामला राजातालाब क्षेत्र स्थित पुश्तैनी संपत्ति की है। आोपियों के खिलाफ 34, 420 के मामले दर्ज हुए हैं।
मिली जानकारी मुताबिक नूरानी चौक राजातालाब निवासी राकेश कुछत्री ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत कर आरोप लगाया था कि उनके पिता स्व. स्वर्णलाल कुछत्री की संपत्ति को षड्यंत्रपूर्वक फर्जी वसीयतनामा तैयार कर हड़प लिया गया। प्रकरण की सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रायपुर ने थाना सिविल लाइन को एफआईआर दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए।
राकेश ने बताया कि उसके पिता स्व. स्वर्णलाल कुछत्री के नाम ग्राम पंडरीतराई स्थित भूमि प्लॉट नंबर 59/2 रकबा 3322 वर्गफुट दर्ज थी। जिसे उसके भाई राजकुमार कुछत्री ने अपनी पत्नी बलजीत कौर के साथ मिलकर वर्ष 1994 में एक फर्जी वसीयतनामा तैयार किया। जिसमें मृतक स्वर्णलाल के फर्जी हस्ताक्षर किए गए। परिवाद में यह भी सामने आया कि वसीयतनामा में जिस संपत्ति का उल्लेख किया गया, वह संपत्ति स्वर्णलाल के नाम पर कभी थी ही नहीं। आरोपियों ने कथित रूप से इसी दस्तावेज के आधार पर राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण करवा लिया। बाद में उक्त संपत्ति को दानपत्र के माध्यम से बलजीत कौर के नाम करा कर बैंक में मॉर्टगेज कराने की बात भी सामने आई।
मामले में सुरेश यदु और बलवंत सिंह को फर्जी वसीयत में गवाह बताया गया है। परिवादी का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2019 में भी थाना सिविल लाइन में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने बलजीत कौर, सुरेश यदु और बलवंत सिंह के खिलाफ धारा 420 और 34 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।


