रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 9 मई। धरसीवां के ग्राम पंचायत गोढ़ी में रहवासी पक्षियों के पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए 7 दिवसीय ‘समर कैंप 2026’ आयोजित किया गया है।
‘प्रकृति को समझें-पक्षियों को पहचानें-संरक्षण का हिस्सा बनें’ थीम पर आधारित यह शिविर फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (स्नश्वस्) के तकनीकी सहयोग से जिला पंचायत रायपुर, समग्र शिक्षा रायपुर एवं ग्राम पंचायत गोढ़ी द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
शिविर के प्रथम दिवस पर ‘नेम गेम’ के माध्यम से बच्चों ने अपना नाम व पसंदीदा जानवर बताकर परिचय दिया। प्रकृति के जीवों की नकल करने का खेल एवं ‘मुझे प्रकृति में क्या पसंद है’ विषय पर ड्राइंग गतिविधि कराई गई। बच्चों को वेटलैंड क्या है, इसकी जानकारी दी गई। आइस-ब्रेकिंग एक्टिविटी के माध्यम से प्रकृति से जुड़ाव स्थापित किया गया।
शुभारंभ के बाद जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन ने गांव के उस तालाब का निरीक्षण किया जहाँ पक्षियों के संरक्षण का कार्य किया जाना है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि रहवासी पक्षियों के पुनर्वास एवं संरक्षण कार्य में वॉच टावर, कैंटीन सहित अन्य निर्माण कार्य सही तरीके से किए जाएं। इन कार्यों से ग्रामीणों की आजीविका बढ़े और भविष्य में आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखते हुए कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। इससे ग्राम गोढ़ी की महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती, जनपद सीईओ आशीष केशरवानी सहित अन्य अधिकारी, व युवान संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


