रायपुर
अत्याधुनिक शोध को मिलेगा नया बल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 7 मई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई ने अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के पाँच फैकल्टी सदस्यों को वर्ष 2025-26 के लिए प्रतिष्ठित ‘प्रधानमंत्री अर्ली करियर रिसर्च ग्रांट’ प्रदान किया गया है। यह ग्रांट ‘अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन’ की प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शुरुआती करियर के शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करना और देश में नवाचार आधारित अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाना है।
यह ग्रांट तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रदान की जाती है, जिसमें शोधकर्ताओं को लचीली वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
सहायक प्राध्यापक, विद्युत अभियांत्रिकी), डॉ. कृष्ण मुरारी का शोध प्रोजेक्ट हाइब्रिड एसी-डीसी वितरण नेटवर्क के लिए उन्नत संगणना एवं वितरित नियंत्रण ढांचा पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य आधुनिक विद्युत वितरण प्रणालियों के विश्लेषण, अनुकूलन और नियंत्रण के लिए प्रभावी मॉडल विकसित करना है।
सहायक प्राध्यापक, रसायन विज्ञान विभाग एवं सहायक संकाय, विद्युत अभियांत्रिकी
डॉ. कचाला नानाजी का प्रोजेक्ट उच्च-वोल्टेज और टिकाऊ लिथियम-आयन बैटरी निर्माण के लिए एक स्केलेबल तकनीक विकसित करने से संबंधित है। इसमें बॉल-मिल्ड नैनो-एलएमएफपी कैथोड सामग्री को ड्राई इलेक्ट्रोड तकनीक के साथ एकीकृत किया जाएगा, जिससे ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की संभावना है।
सहायक प्राध्यापक, मेकाट्रॉनिक्स डॉ. सैकत साहू का शोध सीढ़ीदार खेती में कार्यरत किसानों के लिए एक हाइब्रिड बैक-सपोर्ट एक्सोस्केलेटन विकसित करने पर आधारित है। यह पहनने योग्य उपकरण सक्रिय और निष्क्रिय तंत्रों का समन्वय कर किसानों को चोट से बचाने और कार्य दक्षता बढ़ाने में सहायक होगा।
सहायक प्राध्यापक, सामग्री विज्ञान एवं धातुकर्म अभियांत्रिकी डॉ. नितिन बी का प्रोजेक्ट उन्नत बहु-चरण संरचनात्मक मिश्र धातुओं के विकास पर केंद्रित है, जो उच्च तापमान पर बेहतर प्रदर्शन और हाइड्रोजन एम्ब्रिटलमेंट के प्रतिरोध में सक्षम होंगी। यह शोध भारत सरकार के ‘राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन’ के लक्ष्यों के अनुरूप सुरक्षित एवं विश्वसनीय हाइड्रोजन अवसंरचना के विकास में योगदान देगा।
सहायक प्राध्यापक, भौतिकी डॉ. अविजित साहा का कार्य पर्यावरण-अनुकूल क्वांटम नैनोमटेरियल आधारित उत्सर्जकों के विकास पर केंद्रित है, जिनका उपयोग शॉर्टवेव इन्फ्रारेड (स्द्धशह्म्ह्ल ङ्खड्ड1द्ग ढ्ढठ्ठद्घह्म्ड्डह्म्द्गस्र–स्ङ्खढ्ढक्र) लाइट एमिटिंग डायोड (रुद्बद्दद्धह्ल श्वद्वद्बह्लह्लद्बठ्ठद्द ष्ठद्बशस्रद्ग–रुश्वष्ठ) और बायोइमेजिंग में किया जाएगा। यह शोध उन्नत ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स और जैव-चिकित्सा अनुप्रयोगों के लिए नई संभावनाएं खोलता है।


