रायपुर
पत्थलगांव-झारखंड सीमा तक सडक़ निर्माण ने पकड़ी गति
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर. 23 अप्रैल । भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पत्थलगांव-कुनकुरी से छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा (एनएच-43) तक 3147 करोड़ रूपये की लागत वाले मेगा परियोजना का निर्माण कार्य जमीनी स्तर पर शुरू कर दिया है।
छत्तीसगढ़ में सबसे लंबा विस्तार
627 किलोमीटर लंबे रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण और विशाल हिस्सा छत्तीसगढ़ से होकर गुजरता है। कुल लंबाई का लगभग 384 किलोमीटर हिस्सा छत्तीसगढ़ में है। वर्तमान में 104.250 किलोमीटर लंबे पत्थलगांव-झारखंड सीमा खंड पर निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है।
382 छोटी-बड़ी संरचनाएं
इस खंड में कुल 382 छोटी-बड़ी संरचनाएं (पुल, अंडरपास आदि) बनाई जाएंगी, जो इस मार्ग को बाधारहित (॥ड्डह्यह्यद्यद्ग-द्घह्म्द्गद्ग) बनाएंगी। जिसमें 7 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 6 फ्लाईओवर और एक एलीवेटेड वायडक्ट स्ट्रक्चर, 10 वेहिकुलर अंडरपास (ङ्कक्क), 18 लाइट वेहिकुलर अंडरपास, 26 स्मॉल वेहिकुलर अंडरपास , 11 ईओपी, 21 मवेशी एवं पैदल यात्री अंडरपास और 278 बॉक्स पुलिया का निर्माण किया जा रहा है
इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी होगी मजबूत
कोरबा परियोजना इकाई के परियोजना निदेशक श्री डी.डी. पार्लावर ने बताया कि यह खंड रायपुर-धनबाद कॉरिडोर की रीढ़ है जिसका निर्माण कार्य शुरू हो गया है। हमारा लक्ष्य इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करना है। यह राजमार्ग छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी और व्यापारिक परिवहन को नई मजबूती देगा।
जशपुर जिले की बदलेगी तकदीर
यह कॉरिडोर जशपुर जिले के लिए केवल सडक़ नहीं, बल्कि लाइफलाइन साबित होगा। इसे इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह अंचल के महत्वपूर्ण नगरों- पत्थलगांव, कांसाबेल, कुनकुरी, दुलदुला और जशपुर को एक सूत्र में पिरोएगा। साथ ही, यह राजमार्ग रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा जैसे औद्योगिक शहरों को सीधे झारखंड के धनबाद से जोडक़र व्यापारिक सुगमता प्रदान करेगा।
तेज और सुरक्षित कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती पर रखी गई आधारशिला अब धरातल पर उतर आई है।
तेज और सुरक्षित कनेक्टिविटी के परिणामस्वरूप ईंधन, यात्रा समय और कुल परिवहन लागत में बचत होगी। छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच कोयला खदानों एवं कोरबा, रायगढ़, जशपुर, रांची और जमशेदपुर में स्थित प्रमुख इस्पात संयंत्रों के लिए बेहतर अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।


