रायपुर

गोंदिया-जबलपुर दोहरी रेल लाइन को स्वीकृति, 5 वर्ष में पूरी होगी
25-Feb-2026 4:08 PM
गोंदिया-जबलपुर दोहरी रेल लाइन को स्वीकृति, 5 वर्ष में पूरी होगी

5,236 करोड़ की लागत से 231 किमी का होगा दोहरीकरण

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 25 फरवरी । प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने  गोंदिया-जबलपुर दोहरी रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है । इस परियोजना की अनुमानित लागत ?5,236 करोड़ है तथा इसे 5 वर्षों की अवधि में पूर्ण किया जाएगा ।

गोंदिया-जबलपुर दोहरीकरण परियोजना गोंदिया पर हावड़ा-मुंबई उच्च घनत्व रेल मार्ग तथा जबलपुर पर इटारसी-वाराणसी उच्च उपयोगिता रेल मार्ग को जोड़ती है । यह प्रयागराज एवं वाराणसी से चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद की ओर सबसे छोटा रेल मार्ग उपलब्ध कराएगी, जिससे उत्तर-दक्षिण रेल संपर्क को सुदृढ़ता मिलेगी ।

परियोजना का विवरण एवं प्रमुख विशेषताएँ  रेलखंड लंबाई: 231 किलोमीटर

 जिले: गोंदिया (महाराष्ट्र), जबलपुर, मंडला, सिवनी एवं बालाघाट (मध्य प्रदेश)

वन्यजीव संरक्षण: वन्यजीव अंडरपास एवं फेंसिंग के लिए ?450 करोड़ का प्रावधान

 

परियोजना से होने वाले प्रमुख लाभ

 यात्री एवं मालगाडिय़ों के संचालन में वृद्धि तथा रेल क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार

 प्रमुख तीर्थ स्थलों—अयोध्या धाम, वाराणसी, प्रयागराज, रामेश्वरम, मदुरै आदि—के लिए बेहतर एवं सुगम रेल संपर्क

 प्रमुख पर्यटन स्थलों—कान्हा राष्ट्रीय उद्यान, पेंच टाइगर रिज़र्व, कचनार शिव मंदिर, गांगुलपारा बाँध, धुआंधार जलप्रपात आदि—तक आसान आवागमन

 विद्युत संयंत्रों, आयुध निर्माणी, खनन क्षेत्रों जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्रों को बेहतर रेल सुविधा अतिरिक्त माल परिवहन क्षमता: 7.6 मिलियन टन प्रतिवर्ष पर्यावरणीय लाभ: प्रति वर्ष लगभग 16 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी, जो लगभग 63 लाख वृक्षारोपण के समतुल्य है परिवहन लागत में बचत: लगभग ?350 करोड़ प्रतिवर्ष

रोज़गार सृजन: लगभग 78 लाख मानव-दिवस


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