रायपुर
खुज्जी में सिंचाई योजनाओं के लंबित होने को लेकर विधायक साहू ने घेरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 24 फरवरी। विधानसभा के बजट सत्र के पहले प्रश्नकाल में मंगलवार को कांग्रेस विधायक भोलाराम साहू ने खुज्जी क्षेत्र में सिंचाई योजनाओं के लंबित होने पर सीएम विष्णुदेव साय को घेरा। इसके उत्तर में सीएम ने कार्यपूर्णता की निश्चित समयावधि बताने में असमर्थता जताई। साहू ने अपने तारांकित प्रश्न के दिए लिखित उत्तर के हवाले से कहा कि साल 2024-25 से अब तक 16 कार्यों को बजट में शामिल किया गया है। इनमें से एक काम की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है, जो 4.9 करोड़ का है। साहू ने पूछा कि इसकी निविदा कब की गई। ओपन कब हुआ, और कार्यादेश कब जारी किया गया। सीएम साय ने बताया कि 13 अगस्त 2025 को स्वीकृति दी गई थी। यह केनाल लाइन के डेमेज होने से पाइप लाइन के जरिए जलापूर्ति का काम था, जो इसी माह पूर्ण हो चुका है। साहू ने सीएम से कहा कि पोंद डबरी लाइनिंग कार्य 21 जून 2024 ईएनसी के यहां लंबित है। ईएनसी कितने दिन तक लंबित रख सकते हैं। सीएम ने बताया आपके सभी कार्य बजट में शामिल हैं। स्वीकृति के लिए प्रक्रियाधीन है। पांच साल में कांग्रेस सरकार में 5793 करोड़ की सिंचाई योजनाएं स्वीकृत की थी। हमने 24 से अब तक 10712 करोड़ की स्वीकृति दी। धैर्य रखिए हर किसान के खेत में पानी पहुंचाएंगे। साहू ने फिर पूछा ईएनसी के यहां लंबित रखने की कोई समय-सीमा है। सीएम ने बताया कि 16 में से 15 काम प्रक्रियाधीन है। भोलाराम साहू ने कहा कि 16 में से एक कार्य मंजूर कर 8 कार्य ईएनसी के यहां लंबित हैं। यह कैसा किसानहित है। यह बताए 15 कार्य कब तक पूरे होंगे। सीएम ने कहा प्रक्रिया पूरी होते ही काम होगा। इसकी समयावधि बताना संभव नहीं है।
यादव ने ली चुटकी:- इस पर कांग्रेस के राम कुमार यादव ने चुटकी ली, साहू जी 2047 तक हो जाएगा। भाजपा के अजय चंद्राकर ने टिप्पणी की, साहू जी ज्यादा पूछते हो इसलिए भूपेश बघेल ने टिकिट काट दी थी। साहू ने कहा लोकसभा की टिकिट दी थी। इस पर कांग्रेस के एक अन्य विधायक ने अजय से कहा आप ज्यादा बोलते हो इसलिए मंत्री बनाए जा रहे।
अमानक भवनों में लगे मोबाइल टावरों का होगा परीक्षण-सीएम
सीएम विष्णुदेव साय ने विधानसभा में घोषणा की कि जर्जर, और अमानक भवनों में लगे मोबाइल टावरों का परीक्षण किया जाएगा। भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने बिलासपुर में ऐसे मोबाइल टावरों को लेकर प्रश्न उठाया। शुक्ला ने अमानक भवनों में लगे टावरों की जांच कर निरस्त करने की सीएम से मांग की थी। सीएम साय ने कहा कि ऐसे सभी टावरों का परिक्षण कराया जाएगा। इस संबंध में निकाय स्तर पर शिकायत कर जांच करा सकते हैं।
सडक़ दुघर्टनाओं से मौतें नहीं रूक रहीं, तो जनकल्याणकारी योजनाओं का मतलब नहीं?
भाजपा सदस्यों ने सदन में परिवहन मंत्री को घेरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 24 फरवरी। विधानसभा में मंगलवार को भाजपा विधायकों ने रायपुर में सडक़ दुघर्टना रोकथाम के लिए कारगर रणनीति नहीं होने का आरोप लगाया, और परिवहन मंत्री केदार कश्यप को आड़े हाथों लिया। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने तो यहां तक कह दिया कि सडक़ दुघर्टनाओं से मृत्यु को नहीं रोक पाए,तो जनकल्याणकारी योजनाओं का कोई मतलब नहीं है।
प्रश्नकाल में सुनील सोनी के सवाल के लिखित जवाब में परिवहन मंत्री कश्यप ने बताया कि कि पिछले एक साल में सडक़ दुघर्टना में प्रदेश में 6898 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। भाजपा सदस्य ने रायपुर शहर में वाहन दुर्घटना का जिक्र किया, और दुर्घटना के मामले में देश के दस शहरों में शामिल हो गया है। उन्होंने दुर्घटना रोकने के लिए मास्टर प्लान को लेकर जानकारी चाही। इस पर परिवहन मंत्री ने कहा कि सडक़ दुघर्टना रोकथाम के लिए जागरूक करने का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में घायल लोगों के उपचार के लिए डेढ़ लाख का प्रावधान है।
सोनी मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए, और उन्होंने मास्टर प्लान को लेकर जानकारी चाही। इस पर मंत्री कश्यप ने कहा कि 19 चौक चौराहों को चिह्नित किया गया है और सुधार और निर्माण किया जा रहा है।
पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि जोगी सरकार के समय से दुर्घटना रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।प्राइस वाटर कूपर को काम दिया गया था। इस विषय पर नियम 139के तहत चर्चा हुई थी, और उस समय दिए गए आश्वासन को पूरा नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि दुर्घटना रोकने की रणनीति कागजी है और छत्तीसगढ़ के लोगों को मौत के मुंह में डालने की रणनीति है। उनके पूरक प्रश्न के उत्तर में परिवहन मंत्री ने बताया कि पूरे 167 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए थे और इनमें से 101 को ठीक कर दिया गया है।66 को मुक्त करने की दिशा में काम चल रहा है। भाजपा के ही अनुज शर्मा के सवाल के जवाब में कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस परीक्षा की वीडियोग्राफी कराने पर विचार किया जाएगा।


