रायपुर

रायपुर जल बोर्ड का गठन, 8 अभियंता नियुक्त
18-Jan-2026 6:26 PM
रायपुर जल बोर्ड का गठन, 8 अभियंता नियुक्त

पेयजल नेटवर्क का मानचित्र, जल समस्या के समाधान की कार्ययोजना तैयार करेंगे

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 18 जनवरी। नगर निगम आयुक्त ने रायपुर के जल बोर्ड का गठन कर दिया है।यह सभी 70 वार्डों  में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करेगा । इस पर पूरी कार्यप्रणाली तय करने 8 अभियंताओं को नियुक्त किया गया है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे की अध्यक्षता में पिछले दिनों  मेयर इन काउंसिल ( एमआईसी)  ने  गठन का निर्णय लिया गया था।।

निगम के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आदेश अनुसार जल बोर्ड में  प्रभारी अधीक्षण अभियंता  अमृत मिशन मुख्यालय  राजेश नायडू को अतिरिक्त प्रभार, प्रभारी अधीक्षण अभियंता प्रधानमंत्री आवास योजना  राजेश राठौर को अतिरिक्त प्रभार, प्रभारी कार्यपालन अभियंता योजना शाखा एवं 15वां वित्त आयोग के प्रशासनिक कार्य दायित्व से मुक्त करते हुए  अंशुल शर्मा जूनियर को पूर्ण प्रभार,  नर सिंग फरेन्द्र कार्यपालन अभियंता जलप्रदाय एवं फिल्टरप्लांट  नरसिंग फरेन्द्र को अतिरिक्त प्रभार,नगर पालिक निगम जोन 8 सहायक अभियंता  अनुराग पाटकर को अतिरिक्त प्रभार, अमृत मिशन मुख्यालय  उप अभियंता  रमेश पटेल को अतिरिक्त प्रभार, रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड उप अभियंता  योगेन्द्र साहू को अतिरिक्त प्रभार और रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड उप अभियंता शुभम तिवारी को  जल बोर्ड में अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।

ये अभियंता निगम क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने,राइर्जिंगमैन और डिस्ट्रिब्यूशन लाईन का निरीक्षण कर  पेयजल नेटवर्क को मानचित्र/ नक्शे में प्रस्तुत करने, नगर के सभी वार्डों का भ्रमण कर पेयजल समस्या ग्रस्त  क्षेत्रों का चिन्हाँकन कर कारण सहित विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने, पेयजल समस्या ग्रस्त क्षेत्रों की समस्या के समाधान हेतु कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करेंगे।

जल बोर्ड  की कार्यप्रणाली

जल बोर्ड  की कार्यप्रणाली में मुख्य रूप से पेयजल की आपूर्ति, सीवरेज प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण जैसे कार्य शामिल होते हैं, जो एक नेटवर्क के ज़रिए होते हैं; वे पानी को साफ करते हैं (जल उपचार), पंप करते हैं, वितरित करते हैं, बिलिंग करते हैं और जल संसाधनों का प्रबंधन और वर्षा जल संचयन भी शामिल है। जल स्रोत प्रबंधन नदियों, झीलों और भूजल जैसे स्रोतों से पानी इक_ा करना। भूजल के लिए सर्वेक्षण और मैपिंग करना, ताकि पानी की कमी वाले क्षेत्रों की पहचान हो सके। जल उपचार: कच्चे पानी को पीने योग्य बनाने के लिए जल उपचार संयंत्रों  में साफ करना। अपशिष्ट जल  के उपचार के लिए भी संयंत्र चलाना।

वितरण प्रणाली: साफ पानी को घरों, उद्योगों और अन्य जगहों तक पहुंचाने के लिए पाइपलाइन नेटवर्क बिछाना और उसका रखरखाव करना। बूस्टर पंपिंग स्टेशनों के ज़रिए पानी को सही दबाव के साथ पहुंचाना। सीवरेज और अपशिष्ट जल प्रबंधन: घरों और उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी (अपशिष्ट जल) को इक_ा करना और उसे ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाना। अपशिष्ट जल को साफ करके नदियों या अन्य जल निकायों में छोडऩा। राजस्व और बिलिंग: पानी के उपयोग के आधार पर जल कर का बिल बनाना और कर राजस्व का संग्रह करना। बकाया बिलों पर लेट पेमेंट सरचार्ज  जैसी योजनाओं को लागू करना। बाढ़ नियंत्रण और सुरक्षा: तटबंधों , नदियों और जलमार्गों के रखरखाव के जरिए बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करना। वर्षा जल संचयन: सरकारी इमारतों और अन्य स्थानों पर वर्षा जल संचयन प्रणालियों को लागू करना।

संक्षेप में, जल बोर्ड एक एकीकृत प्रणाली के रूप में काम करता है जो पानी को स्रोत से लेकर उपभोक्ता तक पहुंचाने और उसके बाद अपशिष्ट जल के प्रबंधन तक की पूरी प्रक्रिया को संभालता है, जिसमें पानी की गुणवत्ता और उपलब्धता सुनिश्चित करना मुख्य लक्ष्य होता है।


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