रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 15 जनवरी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद वित्त विभाग ने कर्मचारियों के लिए 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता का लाभ 1 जनवरी 26 से दिया गया है। इस तरह 6 माह का एरियर का भुगतान रोक दिया गया है। कर्मचारियों का लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है।
वित्त विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा राज्य में लगभग डेढ़ लाख पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को महंगाई राहत (डीआर) देने में मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 के धारा 49(6)के तहत दोनों राज्य में सहमति की बाध्यता मानी जा रही है। इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार को तुरंत सहमति के लिए मध्यप्रदेश सरकार पत्राचार करने की मांग की है।
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने मुख्यमंत्री की घोषणा को आधा अधूरा और अस्पष्ट निरूपित करते हुए कहा है कि उनके द्वारा केवल कर्मचारियों को डीए देने की घोषणा की गई है और पेंशनरों को डीआर देने के मामले में चुप्पी से प्रदेश के एक लाख से अधिक पेंशनरों को निराशा हुई है। उन्होंने पेंशनरों को डीआर देने के बारे में कुछ नहीं कहा उसने अपने घोषणा में यह भी नहीं बताया कि एरियर का भुगतान हेतु सरकार का क्या विचार है। एक तरह से मुख्यमंत्री की इस घोषणा से पेंशनरों भ्रम की स्थिति बनी हुई है। अनिल गोल्हानी, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, एन आर साहू, आर के टंडन,आर जी बोहरे, टी पी सिंह, बी एस दसमेर, ओ डी शर्मा, हरेंद्र चंद्राकर, मालिक राम वर्मा,एम एन पाठक, आर के साहू, अनिल पाठक, शरद काले, आर के नारद,नरसिंग राम, बी एल यादव, नागेन्द्र सिंह आदि ने मुख्यमंत्री से तुरंत पेंशनरों को भी एरियर सहित 3त्न डी आर देने की घोषणा के साथ सरकार की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।


