रायपुर
सभी के लिए आधार बेस बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 31 दिसंबर। कल 1 जनवरी से राज्य मंत्रालय में आईएएस से लेकर भृत्य तक सभी के लिए आधार बेस बायोमेट्रिक अटेंडेंस दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके लिए जीएडी ने आज महानदी भवन के सभी प्रवेश द्वार पर ऐसे सूचना बोर्ड लगाकर आगाह किया है। वीआईपी गेट समेत सभी गेट पर थंब और फेस स्कैनर मशीनें लगाई जा चुकी हैं। सभी के लिए 10 बजे की उपस्थिति अनिवार्य की जा चुकी है। यह व्यवस्था पिछले एक माह से लागू है लेकिन अब तक कुछ अफसर पालन कर रहे थे अधिकांश नहीं कर रहे थे। अब दफ्तर आने और वापसी पर अनिवार्यत: पालन करना होगा। इसके जरिए राज्य प्रशासन,हर आला अफसर अफसर के आने जाने पर नजर रख सकेगी। अब तक पुराने रायपुर में रहने वाले अफसरों की दफ्तर में उपस्थिति की कोई गारंटी नहीं रहती थी। उनकी अनुपस्थिति में दूरदराज से आने वाले आमजनों को वापस लौटना पड़ता था। अब उनका मिलना सुनिश्चित हो सकेगा।
नवा रायपुर से सरगुजा बस्तर कलेक्टोरेट तक कामकाज एक क्लिक पर
प्रदेश में अब 1 जनवरी 2026 से सभी सरकारी कामकाज पूरी तरह ई-ऑफिस के माध्यम से होंगे, जिसमें मंत्रालय से लेकर जिला स्तर तक कोई फिजिकल फाइल नहीं चलेगी; यह व्यवस्था पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बढ़ाने के लिए है, जिससे काम तेज होगा, कागजी कार्रवाई कम होगी और अधिकारी कहीं से भी काम कर सकेंगे, जिससे डिजिटल सुशासन को बढ़ावा मिलेगा । मंत्रालय, विभागाध्यक्ष, कमिश्नर और कलेक्टर कार्यालयों में केवल ई-ऑफिस (डिजिटल फाइल) का उपयोग होगा।
फिजिकल फाइल पर रोक: किसी भी परिस्थिति में कागजी फाइलें नहीं चलाई जाएंगी, विभाग प्रमुख की अनुमति के बिना फिजिकल फाइल चलाना प्रतिबंधित है।
दावा-
डिजिटल प्रक्रिया- सभी प्रस्ताव और पत्राचार ई-ऑफिस के माध्यम से ही होंगे, जिससे त्वरित निर्णय और बेहतर ट्रैकिंग संभव होगी।
दूरस्थ कार्य-अधिकारी छुट्टी या दौरे पर रहते हुए भी ई-ऑफिस से काम निपटा सकेंगे, और छुट्टी के दिनों में भी काम करना संभव होगा।
उद्देश्य: भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, कागजी कार्रवाई कम करना, लागत घटाना, पर्यावरण बचाना और पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ाना।
ई-ऑफिस के लाभ-
पारदर्शिता और जवाबदेही: फाइलों की रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव, जिससे ठंडे बस्ते में जाने की प्रवृत्ति रुकेगी। समय की बचत- मैन्युअल फाइल मूवमेंट खत्म, जिससे निर्णय प्रक्रिया तेज होगी। दक्षता- स्वचालित प्रक्रिया से कार्यकुशलता में सुधार।
सुरक्षा- डिजिटल भंडारण से दस्तावेजों के खोने या खराब होने का खतरा नहीं।
पर्यावरण संरक्षण: कागज की बचत और उससे जुड़े खर्च में कमी।


