रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 7 जनवरी। शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय के अर्थशास्त्र एवं वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित द्वि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठीतथा राजेश्री महंत राम सुंदर दास, दूधाधारी मठ, रायपुर (पूर्व विधायक) की उपस्थिति में हुआ।
छत्तीसगढ़ ञ्च 25 : उपलब्धियां, चुनौतियां एवं भावी संभावनाएं" का कल समापन हुआ । सेवानिवृत्त प्राध्यापक (भूगोल) एवं प्रांत संघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
डॉ टोपलाल वर्मा ने कहा हर क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने प्रगति की है । पर्यावरण पर छत्तीसगढ़ की भूमिका अग्रणी रही है ।
महंत राजश्री रामसुंदर दास ने महाविद्यालय के इतिहास का वर्णन कर सभी को अभिभूत किया ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य एवं संरक्षक डॉ. किरण गजपाल ने की।
द्वितीय दिवस के तकनीकी सत्र में डॉ. टी. सी. गुप्ता अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा ने छत्तीसगढ़ के सामाजिक-आर्थिक विकास पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात आयोजित डॉ. आर. ब्रह्मे, प्राध्यापक, अर्थशास्त्र अध्ययनशाला, रविशंकर विश्वविद्यालय, ने राज्य की आर्थिक संरचना, संसाधनों के सदुपयोग एवं भावी विकास संभावनाओं पर विचार प्रस्तुत किए। इस मौके पर विभिन्न महाविद्यालयों से आए शोधार्थियों एवं शिक्षकों के प्रस्तुत शोध-पत्र के विविध पक्षों पर विमर्श हुआ।
डॉ रितु मारवाह संयोजक ने स्वागत उद्बोधन डॉ प्रीति कंसारा संयोजक ,ने धन्यवाद ज्ञापन दिया ।। डॉ अनिता दीक्षित, डॉ कीर्ति श्रीवास ,डॉ मुक्ता मल्होत्रा के साथ डॉ नेहा दुबे डॉ भारती कुमेठी डॉ कार्तिक पटेल मुस्कान श्रीवास्तव वृंदावती तथा कौशल सोनी का योगदान रहा। मंच संचालन डॉ. कल्पना मिश्रा ने किया ।


