रायपुर

राज्यपाल अपनी निगरानी में कराएं जंबूरी
07-Jan-2026 7:07 PM
राज्यपाल अपनी निगरानी में कराएं जंबूरी

दो टेंडर हुए दोनों में भारी असमानता

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 7 जनवरी। भारत स्काउट गाईड की बालोद में होने वाली जंबूरी को लेकर भाजपा में मचे घमासान ने कांग्रेस को सरकार संगठन को घेरने का अवसर दे दिया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने पत्रकारवार्ता में कहा कि जंबूरी भाजपा की गुटबाजी का अखाड़ा बन चुकी है। जंबूरी के आयोजन का श्रेय लेने भाजपाई आपस में लड़ रहे है। जंबूरी पहले राजधानी के नवा रायपुर में होने वाली थी, लेकिन शिक्षामंत्री इसको बालोद ले गए । सांसद बृजमोहन अग्रवाल स्वयं को अध्यक्ष होने का दावा कर रहे, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव खुद को अध्यक्ष बता रहे, सरकार स्पष्ट करे कि स्काउट गाइड के अध्यक्ष कौन है? कल ही भारत स्काउट गाइड के प्रदेश अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल ने जंबूरी को रद्द कर दिया। स्काउट गाइड के आयुक्त ने इस बात का खंडन किया की जंबूरी रद्द नहीं हुई है। रात में मुख्यमंत्री के एक्स पर पोस्ट हुआ कि 9 से 14 तक होने वाली जंबूरी हमारे लिए गर्व का विषय है। देर रात मुख्यमंत्री का यह पोस्ट भी हटा लिया गया।  है जंबूरी में पहले दिन में भ्रष्टाचार हो रहा, बिना टेंडर के टेंट लगवाना और बिना पात्रता के शिक्षा मंत्री के द्वारा अध्यक्ष का पद हथियाना यह बताता है कि  सरकार में कितना विरोधाभास है। हमारी मांग है जंबूरी के आयोजन को रद्द किया जाए या फिर राज्यपाल स्वयं इस आयोजन को अधिग्रहित को राजभवन पूरे आयोजन की देखभाल करे।

प्रदेश कांग्रेस महामंत्री सुबोध हरितवाल ने कहा कि जंबूरी 2026 में दो टेंडर हुए 20 दिसंबर को रद्द हुआ टेंडर और 03 जनवरी को खुलने वाले टेंडर में भरी असमानता देखने मिली। नियमों में बदलाव किए गए ताकि अपने चाहते फर्म को काम दिलाया जा सके और भ्रष्टाचार की अंजाम दिया जा सके। भाजपा सांसद और स्काउट एंड गाइड के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल का बयान ये साबित करता है कि गजेंद्र यादव और उनके अधिकारी आर्थिक अनियमितता में शामिल है और भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है।

प्रदेश कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव स्वंयभू अध्यक्ष है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री नियमत: प्रदेश स्काउट एंड गाइड के पदेन अध्यक्ष होते थे।  13-12-2025 को राजभवन ने स्कूली शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव को भारत स्काउट एंड गाइड का पदेन अध्यक्ष मनोनीत किया। लेकिन  गजेंद्र यादव जी का अति आत्मविश्वास देखिए कि वे 09-12-2025 को ही भारत स्काउट एंड गाइड के लेटरहेड पर अपने आपको अध्यक्ष घोषित करते हुए राज्य परिषद की बैठक आहूत करते हैं। माना कि राज्य के मुख्यमंत्री का अनुमोदन उनकी नियुक्ति के लिए था लेकिन यह तो नियमों का खुला उल्लंघन है कि राज्यपाल की नियुक्ति से पहले ही गजेंद्र यादव स्वयं को अध्यक्ष घोषित कर दें। यह तो राज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों की खुली अवमानना का मामला है।

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव का भ्रष्टाचार का पुराना नाता भारत स्काउट एंड गाइड ने राज्य कार्यालय के लिए 22 एवं 24 जनवरी, 2019 को जमीन खरीदने के लिए दो रजिस्ट्री करवाई। ये दोनों रजिस्ट्री भारत स्काउट एंड गाइड के नाम पर है। दस्तावेजों से स्पष्ट है कि यह सौदा रमन सिंह सरकार के दौरान वर्ष 2018 में तय हुआ था। ये दोनों ज़मीनें राजेश अग्रवाल पिता ओमप्रकाश अग्रवाल से खरीदी गई। घपला ये है कि राजेश अग्रवाल भारत स्काउट एंड गाइड के छत्तीसगढ़ के तत्कालीन कोषाध्यक्ष थे। ये ज़मीनें कुल 56,93000 एवं 130,7000 रुपयों में खरीदी गई. यानी कुल 70,00000 रुपयों में खरीदी गई। यानी कोषाध्यक्ष, भारत स्काउट एंड गाइड श्री राजेश अग्रवाल ने अभनपुर स्थित ज़मीन के मालिक श्री राजेश अग्रवाल को 70 लाख रुपयों का भुगतान किया। इस भुगतान के चेक पर राज्य के तत्कालीन अध्यक्ष श्री गजेंद्र यादव ने भी दस्तखत किए। इस जमीन की वास्तविक कीमत क्या थी? हमारी जानकारी के अनुसार वास्तविक क़ीमत से बहुत अधिक कीमत पर जमीन खऱीदी गई। इसी जमीन को खरीदने का फैसला क्यों किया गया? क्योंकि इससे भारत स्काउट एंड गाइड के कोषाध्यक्ष और अध्यक्ष (राज्य मुख्य आयुक्त) को फ़ायदा मिल रहा था। राज्य सरकार से इसके लिए नया रायपुर में ज़मीन क्यों नहीं मांगी गई जबकि शासकीय संस्थाओं को नया रायपुर में ज़मीन देने का प्रावधान है? क्योंकि इससे जमीन की कीमत पर होने वाला घोटाला नहीं हो सकता था।

कांग्रेस को भ्रष्टाचार के आरोप लगाने का अधिकार नहीं - मिश्रा

इन आरोपों पर भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि शिकायत करना कांग्रेस को जरूरी है, चाहे मामला गलत हो या सही। कांग्रेस को कोई काम नहीं है, पार्टी के झगड़े को सुलझा नहीं पा रहे हैं। मामला सेंट्रल का है, स्टेट का नहीं,सब नियम अनुसार होगा। वैसे भी कांग्रेस को भ्रष्टाचार के आरोप लगाने का अधिकार नहीं है, इनके कई नेता और अधिकारी जेल में हैं?


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