रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 7 जनवरी। प्रदेश कांग्रेस ने एसआईआर पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बूथों के पुनर्गठन पर आपत्ति की है, और चुनाव आयोग व भाजपा के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि पूरी प्रक्रिया को अदालत में चुनौती दी जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री शैलेष नितिन त्रिवेदी, और अन्य प्रमुख पदाधिकारी मीडिया से रूबरू हुए। त्रिवेदी ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एसआईआर का मामला कांग्रेस का मुद्दा नहीं है, यह अनुसूचित जाति, जनजाति, किसानों और नौजवानों का मुद्दा है।
त्रिवेदी ने कहा कि आखिर हड़बड़ी में एसआईआर क्यों कराया जा रहे हैं। जबकि यहां कोई चुनाव नहीं है। कांग्रेस ने एसआईआर के लिए एक माह का समय बढ़ाने की मांग की थी। मगर ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने बिन्दुवार गड़बड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि बूथों का पुनर्गठन किया गया है। हर विधानसभा में बूथों की संख्या बढ़ी है। हाल यह है कि कई जगहों पर 160 तो कुछ जगहों पर एक हजार से अधिक मतदाता हैं। त्रिवेदी ने पूछा कि युक्तियुक्तकरण क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि नए बूथों में बीएलओ की नियुक्ति नहीं की गई है। ऐसे में आपत्ति-दावे कौन लेगा? त्रिवेदी ने कहा कि बूथों के पुनर्गठन से पहले आपत्ति-दावे क्यों नहीं लिए गए? आयोग ने मतदाता सूची के साथ-साथ आपत्ति-दावे भी मंगाए थे। उन्होंने आरोप लगाए कि जहां भाजपा कमजोर है, वहां मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। त्रिवेदी ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया को अदालत में चुनौती दी जाएगी। रायपुर ग्रामीण के पूर्व प्रत्याशी पंकज शर्मा ने पूरी प्रक्रिया को संदेहास्पद करार दिया।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान शहर जिला अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन, ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे सहित अन्य नेता मौजूद थे।


