रायपुर
रायपुर, 31 दिसंबर। शहर की प्रमुख शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्था युवा द्वारा संजीवनी कैंसर केयर फाउंडेशन के सहयोग से शक्ति और युवानारी शक्ति: संकल्प, संघर्ष और सफलता विषय पर एक भव्य सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर पद्मश्री फूलबसन यादव, कबीर संत रविकर साहेब, मुख्य नगर पालिका अधिकारीशीतल चंद्रवंशी, आरंग की ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर श्रीमती विजयलक्ष्मी, डॉ. विकास अग्रवाल (संजीवनी कैंसर हॉस्पिटल, रायपुर), एवं एनयूएलएम की सामुदायिक संगठक तरला सोनी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य जागरूकता एवं सामाजिक परिवर्तन के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता पद्मश्री फूलबसन यादव ने अपने प्रेरक उद्बोधन में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका, ग्रामीण व शहरी महिलाओं के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में उनके संघर्ष और सफलता के अनेक जीवंत उदाहरण साझा किए। उन्होंने कहा कि परिस्थितियाँ कैसी भी हों, सीखना कभी नहीं छोडऩा चाहिए।
डॉ. विकास अग्रवाल ने महिलाओं के स्वास्थ्य पर केंद्रित जागरूकता संबोधन दिया। उन्होंने स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों, समय पर जांच के महत्व तथा रोकथाम के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने वैक्सीनेशन की भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि यह सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में एक अत्यंत प्रभावी कदम है और किशोरियों एवं युवतियों को समय पर टीकाकरण अवश्य करवाना चाहिए।
उनके संबोधन ने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग और जागरूक बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में संस्था युवा के संस्थापक एम. राजीव ने नारी शक्ति पर विशेष वक्तव्य देते हुए कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण ही समाज के समग्र विकास की कुंजी है और युवा पीढ़ी को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
इस कार्यक्रम में 200 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। साथ ही, कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया, जो संजीवनी कैंसर केयर फाउंडेशन एवं संजीवनी कैंसर हॉस्पिटल, रायपुर के सहयोग से संपन्न हुआ। शिविर में महिलाओं एवं उपस्थित प्रतिभागियों की स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक परामर्श एवं स्वास्थ्य जागरूकता प्रदान की गई।
कार्यक्रम का समापन सकारात्मक संदेश, उत्साह और सफलता की भावना के साथ हुआ। यह आयोजन न केवल महिलाओं की उपलब्धियों का उत्सव रहा, बल्कि समाज में समानता, आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य जागरूकता और सामूहिक विकास के प्रति सशक्त संकल्प का प्रतीक भी बना।


