रायपुर
रायपुर, 3 सितम्बर। दिगम्बर जैन सम्प्रदाय के चल रहे दसलक्षण पर्व के आज छटवें दिन उत्तम संयम धर्म की पूजा की गई जिसके अंतर्गत 1008 श्री शांति नाथ भगवान को पांडुक शीला पर वीराजित कर अभषेक शांति धारा के साथ संगीतमयी सामूहिक पूजा की गई। मंदिर के अध्यक्ष हिमांशु जैन ने बताया कि प्रथम शांति धारा अजय कुमार भरत कुमार रांवका एवम द्वितीय शांति धारा नरेंद्र कुमार लक्ष कुमार _ोल्या परिवार को प्राप्त हुआ।
10 लक्षण पर्व के अंतर्गत आज 6वे दिवस उत्तम संयम धर्म मनाया गया। भाई सुरेश मोदी ने बताया कि उतम संयम धर्म को सुगंध दशमी के रूप में भी मनाया जाता है। आज उत्तम संयम दिवस के दिन हमें अपनी वाणी में और अपनी समस्त इंद्रियों में संयम धारण करना चाहिए जिससे हम सभी अपने जीवन में व्रत नियमों का पालन करते हुए मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर होते रहे इस पंचम काल में मोक्ष तो है नहीं लेकिन अगर हम इन दश धर्म को अंगीकार करते हैं , धर्म को धारण करते हैं, सोलहकारण भावनाओं का चिंतवन करते हैं तो एक दिन निश्चित ही वह समय आएगा जब हम इस जन्म मरण से दुख के दूर होकर मोक्ष पद को प्राप्त करेंगे । इस माया रूपी संसार मे मन को स्थिर रखने के लिए कामनाओ पर नियंत्रण आवश्यक है, और इंद्रियों पर नियत्रण ही संयम धर्म है।


