रायपुर

...इस तरह श्रीकृष्ण की 16 हजार 108 पत्नियां हुईं-बापू
14-Jan-2026 11:48 PM
...इस तरह श्रीकृष्ण की 16 हजार 108 पत्नियां हुईं-बापू

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 14 जनवरी।
अवधपुरी मैदान, गुढिय़ारी में जारी श्रीमद् भगवद् पुराण कथा के सातवें दिन चिन्मयानंद बापू महाराजश्री  सुदामा चरित्र की कथा सुनाई।
श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि व्यासपीठ पर वक्ता नहीं स्वयं नारायण बोलते हैं चाहे संत कोई भी हो। आज कथा का अंतिम दिवस है। इन सात दिनों में गुढिय़ारी के आसपास के क्षेत्र में भक्ति के उत्सव का माहौल बना रहा। महाराज श्री ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण की आठ रानियां रुक्मिणी, जाम्बवती, सत्यभामा, कालिंदी, मित्रविंदा, सत्या और लक्षमणा थी।  असुरराज नरकासुर अपने बंदी गृह में 16 हजार 100 महिलाओं को बंदी बनाकर उन पर तरह-2 के अत्याचार करता था तब प्रभु श्री ने देवताओं एवं धरती माता के अनुरोध पर नरकासुर का वध कर नारियों को मुक्त कराया। अपने सामाजिक बहिष्कार एवं अपमान के भय से उन्होंने श्री कृष्ण जी से उन्हें पत्नी के रुप में स्वीकारने का अनुरोध किया. इस तरह भगवान श्री कृष्ण की 16 हजार 108 पत्नियां हुईं।

महाराजश्री ने कथा को आगे बढ़ाते हुए बताया कि रुक्मिणी जी कभी नाराज नहीं होती थीं उन्होंने उनकी परीक्षा लेते हुए स्वयं की बुराई करते हुए शिशुपाल सहित अन्य राजाओं से विवाह क्यों नहीं करने का प्रश्न उठाया. उनके व्यंग्य बाणों से रुक्मिणी जी अचेत हो गईं. प्रभु को लगा उनसे त्रुटि हो गई, उन्होंने रुक्मिणी जी को अचेतावस्था से बाहर निकाला. तब रुक्मिणी जी ने कहा मैं आपसे विवाह कर धन्य हूं, आप सबसे निपुर्ण हैं, मुझे मालूम है आप ही नारायण हैं। महाराजश्री ने शिशुपाल वध की कथा भी विस्तार से सुनाया।

महाराजश्री ने यशोदा मैया के गो-लोक गमन के प्रसंग को भी सुनाया. सम्पूर्ण कथायें बहुत ही भावपूर्ण रहीं, कथा के प्रसंगों के साथ श्रोतागण कभी आनंदित, कभी उदास, तो कभी गीत-संगीत के साथ नाचते-झूमते रहे.
महाराजश्री ने इस भव्य आयोजन के लिये यजमानगण जितेन्द्र अग्रवाल सारिका अग्रवाल, अमित अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, ओमप्रकाश मिश्रा, मयंक वैद्य, चन्द्रचूड़ त्रिपाठी, रोहित मिश्रा,आशीष तिवारी, मनोज तिवारी, मीडिया प्रभारी नितिन कुमार झा के कार्यों की सराहना की। उप मुख्यमंत्री अरुण साव सपत्निक कथा श्रवण करने पहुंचे थे जिनका व्यासपीठ से महाराजश्री ने स्वागत किया।वरिष्ठ समाजसेवी  पवन अग्रवाल को विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट छत्तीसगढ़ के मुख्य प्रभार की जिम्मेदारी दी गई।


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