रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 1 सितंबर। नो हेलमेट नो पेट्रोल का अभियान पहले ही दिन सफल नहीं हो पाया। दुर्ग की देखा-देखी,जिला प्रशासन की पहल पर पेट्रोल पंप संचालकों ने यह पाबंदी भरी पहल सोमवार से शुरू करने की घोषणा की थी। लेकिन सोमवार दोपहर तक यह अभियान अपनी। छाप नहीं छोड़ पाया।
क?ई पंप में अभियान की सूचना देने वाले पोस्टर बैनर नजर नहीं आए तो क?ई पंप में मैनेजर व स्टाफ को ही पता नहीं था कि उनके संचालकों ने ऐसा कोई अभियान शुरू करने का आह्वान किया है। इस वजह से वे बिना हेलमेट वालों को भी पेट्रोल देते रहे।
दूसरी ओर दुपहिया वाहन चालकों ने विरोध भी शुरू कर दिया है।पूर्व छात्र नेता डॉ. राकेश राज तराटे ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पेट्रोल पंप वाली की आदेश को तुगलकी फरमान बताते हुए एवं हेलमेट की कंपनी को फायदा पहुंचाने वाला बताया है। डॉ. तराटे ने आगे कहा कि मौत के जो आंकड़े हैं वो शहर के अंदर व्यस्तम इलाके जैसे फूलचौंक, शारदा चौक, जयस्तंभ चौक, शास्त्री चौक, नलघर चौक, लाखे नगर चौक, तेलीबांधा चौक इन जगहों पर बतायें कि कितनी मौत बिना हेलमेट की हुई है। डॉ. तराटे ने कहा कि हेलमेट की अनिवार्यता है लेकिन शहर के आऊटर एवं हाईवे में जहाँ गाडिय़ाँ बेतरतीब तरीके से चलती है। वहाँ लागू की जाए। शहर के अंदर जबकि अभी वर्तमान में गणेश चतुर्थी आने वाले समय में दुर्गा अष्टमी आने वाली है जिसके चलते लोगों का मार्केट में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में शहर के अंदर हेलमेट को लागू अनिवार्य करना किसी भी तरीके से आवश्यक नहीं है।
इस तरह की तुगलकी आदेश जारी कर बेवजह शहरवासियों को परेशान न करें।


