रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 31 अगस्त। छ.ग. आरटीआई एसो. के अध्यक्ष संजय सिंह ठाकुर ने राज्यपाल को पत्र प्रेषित कर छत्तीसगढ़ नीजि विश्वविद्यालय विनियामक आयोग एवं छत्तीसगढ़ फीस नियामक समिति के जवाबदारों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने का आग्रह किया है। उन्होने कहा कि राज्यपाल, व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की फीस नये सिरे से निर्धारित करवाकर प्रति वर्ष हजारों छात्रों को लूट से जरुर बचायेंगे।
ठाकुर ने कहा कि पहले तो छत्तीसगढ़ निजि विश्वविद्यालय विनियामक आयोग सोलह वर्षों तक नियम विरुद्ध तरीके से निजि विवि में चल रहे व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की मनमाफिक फीस तय करता रहा वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ फीस नियामक समिति अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़े खड़ा रहा जिसके परिणाम स्वरुप छात्र लुटते रहे। यह अपराधिक लापरवाही है जिसके दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही होनी चाहिये।
उन्होने राज्यपाल महोदय से आग्रह किया कि इस छात्रों को लूटने वाले इस संगठित अपराध की जांच के लिये समाजसेवी, सोशल इक्टिविस्ट, वकील, पत्रकार व छात्रों के अभिभावकों की एक संयुक्त समिति गठित कर सोलह वर्षों से चल रहे इस लूट की जांच करवाना चाहिये जिससे की सत्य सामने आये तथा भविष्य में छात्रों से लूट बंद हो।
संजय ठाकुर ने कहा की छत्तीसगढ़ निजि विश्वविद्यालय विनियामक आयोग ने 23 जून 2025 को पत्र लिखकर सभी निजि विवि को सूचित कर दिया है कि अब वह अपने व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की फीस छत्तीसगढ़ फीस नियामक समिति से तय करवायें।
लेकिन दुर्भाग्य है कि किसी भी विवि ने अपने व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की फीस तय करवाने के लिये फीस नियामक समिति के पास आवेदन नहीं किया।
ठाकुर ने विश्वास व्यक्त किया है कि माननीय राज्यपाल उक्त संबंध में अविलंब सार्थक कदम उठाकर छात्रों को करोड़ों रुपरों की लूट से बचायेंगे।


