रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 26 अगस्त। जन संस्कृति मंच रायपुर के सृजन संवाद कार्यक्रम में नवोदित और वरिष्ठ रचनाकारों ने अपनी प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ किया?
लोक गायिका सुनीता शुक्ला ने गोरख पाण्डेय के चर्चित गीत गुलमिया अब हम नाही बजइबो, अजदिया हमरा के भावेले की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम का आगाज किया. नामचीन गायिका वर्षा बोपचे ने जसम के वरिष्ठ साथी आलिम नकवी की सामयिक गज़़ल को तरन्नुम में पेश किया। वरिष्ठ साथी नरोत्तम शर्मा ने आजादी के आंदोलन और सामाजिक आंदोलन में अपने गांव बंगोली की भूमिका को बताते हुए रचनाकारों को अपने गांव आमंत्रित भी किया।
डॉ. नरेश गौतम ने कोरोना काल के दौरान लिखी गई अपनी रचना का पाठ किया.। जनकवि भागीरथी प्रसाद वर्मा ने अपनी छत्तीसगढ़ी कविता में सत्ता और पूंजीपतियों के घिनौने यथार्थ को बेहतर ढंग से उकेरा. जबकि नरेश साहू ने नशे में बर्बाद हो रहे छत्तीसगढ़ के युवाओं पर अपने शोध आलेख की जानकारी मंच से साझा की।
दृश्य कलाकार सर्वज्ञ नायर अचेतन मन की उलझनों से उपजी कविताएं पढ़ी. युवा रचनाकार प्रतीक कश्यप ने एक के बाद एक कई शानदार गज़़लें पढ़ी। डॉ. रामेश्वरी दास ने तरन्नुम में गीतों की प्रस्तुति दी। युवा लेखिका पुजाली पटले ने अंतर्मन के द्वंद्व को अपनी कविता में बेहद सहज ढंग से उतारा।
शायर आरडी अहिरवार के अपने शेरों से वाहवाही लूटी। वरिष्ठ लेखिका वंदना कुमार ने अपनी रचना में कोरोना काल में उपजी त्रासदी का मार्मिक चित्रण किया और खौफनाक समय के कई गंभीर मसलों को उठाया. लेखक संजीव खुदशाह ने जातीय भेदभाव के प्रतिरोध में जबरदस्त कविताओं का पाठ किया।
पत्रकार डॉ. अरुण जायसवाल ने विदर्भ में किसानों की दुर्दशा और आत्महत्या के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए। लेखिका सानियारा खान ने कहा कि अंधेरे समय में लड़ाई के लिए हम सबको उम्मीद रखनी चाहिए। लेखक और पत्रकार समीर दीवान ने कहा कि जन संस्कृति मंच बगैर भेदभाव के प्रतिभाशाली रचनाकारों को मंच प्रदान कर रहा है. कथाकार मनोज रूपड़ा ने कहा कि दूसरों के दुख में शामिल हुए बिना आप बड़े रचनाकार नहीं हो बन ही नहीं सकते। कथाकार कैलाश बनवासी ने वर्तमान समय के निराशाजनक परिदृश्य को रेखांकित किया। वरिष्ठ आलोचक सियाराम शर्मा ने प्रतिभागियों के प्रयास की सराहना की. इस मौके पर जसम के राष्ट्रीय सचिव संस्कृतिकर्मी राजकुमार सोनी ने नए और विचारवान रचनाकारों को जसम से जुडऩे का आह्वान किया। श्री सोनी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में जसम की कई मजबूत इकाईयां गठित हो गई है.आगे भी विस्तार होता रहेगा। कार्यक्रम के अंत जसम रायपुर के सह सचिव अजय शुक्ला ने आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम का सफल संचालन रूपेंद्र तिवारी ने किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ.संजू पूनम, दिलशाद सैफी, विजेंद्र अजनबी, सुरेश वाहने,विप्लव बंधोपाध्याय, कल्याणी, भूपेश नन्हारे, गणेश सोनकर सहित सुधि दर्शकों की भूमिका रही।


