रायपुर
187 अस्पताल राज्य एजेंसियों को स्थानांतरित होंगे
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 25 अगस्त। प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के अंतर्गत एम्स रायपुर समेत सभी सूचीबद्ध रेलवे और अन्य केंद्रीय अस्पतालों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) की जगह राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) करेगी। नए प्रावधानों के तहत अस्पतालों के संचालन व योजना से संबंधित मुद्दों का समाधान भी राज्य की एजेंसियां करेंगी।
इसका उद्देश्य अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। रेलवे के इन अस्पतालों में आयुष्मान योजना के सामान्य मरीज (गैर रेलवे) भी अपना उपचार करा सकेंगे।
रेलवे बोर्ड की ईडी (स्वास्थ्य) डा. नमिता नेगी ने 18 अगस्त को रेलवे के अधीन सभी प्रधान मुख्य चिकित्सा निदेशकों व प्रधान मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के 23 जून को जारी आदेश का हवाला दिया है।
इसमें आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध सभी सरकारी अस्पतालों के प्रशासनिक प्रबंधन का स्थानांतरण एनएचए से एसएचए को सौंपने की बात है। उसी क्रम में रेलवे अस्पतालों का प्रबंधन भी संबंधित राज्यों की एजेंसियां करेंगी। राज्य की स्वास्थ्य संस्थाओं को जिला कार्यान्वयन इकाई की मदद से योजना के संचालन और क्रियान्वयन में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
कहा गया है कि सभी सरकारी अस्पतालों को 30 दिन के अंदर एनएचए के प्लेटफार्म से हटाकर राज्यों की श्रेणी में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। नई व्यवस्था में राज्यों का स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक नियंत्रण होगा, साथ ही अस्पताल के संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। रेलवे जोन और डिविजन के चिकित्सालयों में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू है। रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित होगा।
छत्तीसगढ़ के ये अस्पताल शामिल हैं
कोल मंत्रालय के अधीन
रीजनल अस्पताल चरचा,और कुरसिया, सेंट्रल अस्पताल मनेंद्रगढ़, एसईसीएल अस्पताल विश्रामपुर, मेन हास्पिटल एसईसीएल कोरबा,बांकी हास्पिटल, नेहरू हास्पिटल गेवरा।
रेलवे के अधीन अस्पताल
एसईसीआर अस्पताल बिलासपुर, डिवीजनल रेलवे अस्पताल डब्ल्यू आर एस रायपुर।
गृह मंत्रालय के अधीन अस्पताल, कंपोजिट हास्पिटल सीआरपीएफ बिलासपुर, उर्जा विभाग के अस्पताल, कोरबा सुपर थर्मल पावर स्टेशन अस्पताल, इस्पात मंत्रालय के अधीन अस्पताल, सेक्टर 9 अस्पताल भिलाई दुर्ग, खनिज मंत्रालय के अधीन अस्पताल, एनएमडीसी अपोलो सेंट्रल अस्पताल दंतेवाड़ा, एनएमडीसी प्रोजेक्ट अस्पताल किरंदुल।
एम्स रायपुर समेत देश भर के 13 अस्पताल पहले ही राज्य एजेंसी के सुपुर्द किए जा चुके हैं।


