रायपुर
ईडी को मंजूर नहीं, निशर्त गिरफ्तार करना चाहती है
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 24 अगस्त। संसद में कानून पारित कर ऑनलाइन गेमिंग बैन के बीच महादेव सट्टा ऐप के सरगनाओं में खलबली मची है। भारतीय जाँच एजेंसियों के चंगुल के करीब पहुंच चुके ये लोग गिरफ्तारी से बचने के लिए सरेंडर करने के प्रयास में जुट गए है।
महादेव सट्टा के प्रमोटर और छत्तीसगढ़ में हुए घोटाले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने गिरफ्तारी वारंट कैंसिल करने का आवेदन लगाया है। इन लोगों ने 3 महीने के अंदर ख़ुद कोर्ट में पेश होने की पेशकश की है। सौरभ चंद्राकर के आवेदन पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद ईडी कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। इस संबंध में ईडी के वकील डॉ. सौरभ पाण्डेय ने मीडिया से कहा कि कोर्ट ने पहले ही उनका गैर जमानती वारंट खारिज कर दिया है। उसके खिलाफ ईडी ने आर्गुमेंट पेश किया है। हमारा तर्क है कि सीमिरल नेचर एप्लिकेशन पर हाईकोर्ट की सुनवाई हो चुकी है। उसी चीज को ये लोग दोबारा नए कलेवर में प्रस्तुत कर रहे हैं। जो केवल समय नष्ट करने का काम है, ताकि ट्रायल आगे न बढ़ सके। साथ ही साथ जो बातें कोर्ट ने डिसाइट कर दिया है। उन्हें दोबारा लाना कानूनन बार है। डॉ. पाण्डेय ने कहा सौरभ चंद्राकर की तरफ से एक और प्रस्ताव आया है कि उनको तीन माह का समय दिया जाए, और उससे पहले उनका गैर जमानती वारंट रद्द हो। हमारा कहना है कि ईडी ने जब हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान ऑफर दिया था कि गैर जमानती वारंट कैंसिल करा सकते हैं। यदि ये लोग निशर्त कोर्ट में पेश हो जाए, तब उनके वकील ने कहा था कि यह ईडी का ट्रैप है हमें फंसाकर अरेस्ट करना चाह रही है, और ईडी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। अब हमारा कहना है कि पहले हमारा प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया था, और आज शर्तिया प्रस्ताव दे रही। इसे ईडी स्वीकार नहीं करती। डॉ. पाण्डेय ने कहा दोनों पक्षों का तर्क सुनने के बाद विशेष न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया।


