रायपुर

साव ने वीमेन फॉर ट्रीज अभियान का किया राज्य स्तरीय शुभारंभ
22-Aug-2025 8:33 PM
साव ने वीमेन फॉर ट्रीज अभियान का किया राज्य स्तरीय शुभारंभ

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 22 अगस्त। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव ने आज रायपुर के कौशल्या विहार (कमल विहार) में वीमेन फॉर ट्रीज अभियान का प्रदेश स्तरीय शुभारंभ किया। उन्होंने अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर हम सभी को ज्यादा से ज्यादा संख्या में पौधे लगाना चाहिए।

 राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नंद कुमार साहू, विधायक  मोतीलाल साहू और महापौर श्रीमती मीनल चौबे भी अभियान के शुभारम्भ कार्यक्रम में शामिल हुईं। सभी ने कार्यक्रम स्थल पर सिंदूर के पौधे लगाकर वीमेन फॉर ट्रीज अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा इस अभियान से 1701 समूहों की 2300 से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है।  राज्य के नगरीय निकायों में वृक्षारोपण के लिए 444 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने  बताया कि स्वसहायता समूहों की 232 महिलाओं को अभियान से जोड़ा गया है।  सभापति  सूर्यकांत राठौर, आयुक्त  विश्वदीप, सुडा के सीईओ  शशांक पाण्डेय और गजराज बांध संरक्षण समिति के अध्यक्ष पी.के. साहू सहित जोन अध्यक्ष, एमआईसी सदस्य, पार्षद तथा स्थानीय नागरिक भी बड़ी संख्या में शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे।

मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत नगरीय निकायों में सरकारी स्वामीत्व की भूमियों, वाटर बॉडीज, आंगनबाडिय़ों, सरकारी अस्पतालों, स्कूलों, उद्यानों, एसटीपी/डब्ल्यूटीपी, एसएलआरएम सेंटर्स, मुक्तिधामों, कृष्णकुंजों, गौठानों, धार्मिक स्थलों, एएचपी आवासों, रोड डिवाइडर्स इत्यादि में महिला समूहों के माध्यम से वृक्षारोपण किए जाएंगे।

 प्रदेश के 169 नगरीय निकायों में कुल दो लाख 21 हजार 145 पौधों के रोपण के लिए 37 करोड़ 79 लाख रुपए लागत की 684 परियोजनाओं के प्रस्ताव भेजे गए थे। इनमें से भारत सरकार द्वारा 27 करोड़ 48 लाख रुपए की 444 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके तहत एक लाख 65 हजार 997 पौधे लगाए जाएंगे। ये परियोजनाएं 13 नगर निगमों, 39 नगर पालिकाओं तथा 81 नगर पंचायतों में क्रियान्वित की जाएंगी। शेष 201 परियोजनाएं संशोधित कर स्वीकृति के लिए भारत सरकार को पुन: प्रेषित की गई हैं। राष्ट्रीय स्तर पर इस अभियान के प्रथम चरण में बड़े राज्यों की श्रेणी में मध्यप्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ को सर्वाधिक पौधरोपण की स्वीकृति मिली है। वहीं परियोजना राशि प्राप्त करने की दृष्टि से छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल के बाद दूसरे स्थान पर है।

 


अन्य पोस्ट