रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 22 अगस्त। एसोसिएशन ऑफ़ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया (एएचपीआई) के प्रतिनिधिमंडल ने एएचपीआई छत्तीसगढ़ अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता के नेतृत्व में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया से कल मुलाकात कर वित्तीय भुगतान में नियमित अंतराल में रुकावट को लेकर आयुष्मान योजना के संचालन में परेशानियों के संबंध में अवगत कराया। उन्हें बताया गया कि जनवरी 2025 से लंबित भुगतान के विषय को संज्ञान में लाया।
स्वास्थ्य सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि राज्य शासन ने 31 मार्च 2025 तक का पूरा क्लेम अस्पतालों को दे दिया है और इस संबंध में केंद्र सरकार को ऑडिट रिपोर्ट का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट भी भेज दिया गया है। इस पर डॉ. राकेश गुप्ता एवं अन्य उपस्थित अस्पताल संचालकों ने सचिव को बताया है कि जनवरी अंतिम और फरवरी प्रथम सप्ताह के बाद का पूरा क्लेम ज्यादातर अस्पतालों का नहीं आया है। जनवरी से मार्च 2025 तक का लगभग 350 करोड़ अस्पतालों का बकाया है और अप्रैल से जुलाई 25 तक कुल 700 करोड़ रूपए की राशि बकाया है। मौके पर उपस्थित अतिरिक्त सीईओ डॉ.धर्मेंद्र गहवाई से जब स्वास्थ्य सचिव ने इस बात की तस्दीक की तो डॉ. गवाहाई ने मार्च 2025 तक के सम्पूर्ण भुगतान हो जाने की बात कही। इस पर एएचपीआई के राज्य अध्यक्ष डॉक्टर राकेश गुप्ता ने डॉ. धर्मेंद्र गहवाई की गलतबयानी का प्रतिरोध करते हुए स्वास्थ्य सचिव को गलत जानकारी देने की बात कही।
ज्ञात हो कि दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी एक कार्यक्रम में भरे मंच के यही बात कही है कि मार्च 2025 तक का आयुष्मान योजना का पूरा भुगतान निजी अस्पतालों को हो चुका है।


