रायपुर

छत्तीसगढ़ में भी पांच सीटों पर वोट चोरी
19-Aug-2025 7:28 PM
छत्तीसगढ़ में भी पांच सीटों पर वोट चोरी

आयोग जांच कराएं, और अपराधिक प्रकरण दर्ज करें-कांग्रेस

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 19 अगस्त। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बीते लोकसभा विधानसभा चुनाव के नतीजों में वोट चोरी का खुलासा किया है।  इसी सिलसिले में राजधानी के आधा दर्जन से अधिक कांग्रेस नेताओं ने भी मंगलवार को पत्रकारवार्ता में वोट चोरी के कारण अपने प्रत्याशियों की हार के तथ्यों को सार्वजनिक किया। पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, शहर अध्यक्ष गिरीश दुबे, ग्रामीण अध्यक्ष उधो वर्मा, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, और प्रत्याशी रहे कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच महज़ 4 प्रतिशत वोट का अंतर रहा। वहीं 90 में से करीब 5 सीटों पर भाजपा 5000 से भी कम वोटों से जीती।

उनका कहना था कि इतने मामूली अंतर पर जीत, और वह भी फर्जीवाड़े के सहारे - यह लोकतंत्र की लूट से कम नहीं।

कांग्रेस नेताओं ने कुछ सीटों पर हार को वोट चोरी के उदाहरण के रूप में पेश किया। उन्होंने बताया कि  रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत और परिवार - नाम रायपुर पश्चिम और उत्तर दोनों जगह दर्ज। बसना विधायक संपत अग्रवाल और परिवार - नाम दो विधानसभा क्षेत्रों में दर्ज। कोरबा - स्थानांतरित हो चुके कलेक्टर और दीगर अधिकारियों और परिवारों के नाम अब भी सूची में। रायपुर और राजनांदगांव - एक ही नाम-पते वाले मतदाता अलग-अलग वार्डों में। बिलासपुर-रायपुर - मृत व्यक्तियों के नाम हटाए बिना मतदान। महासमुंद-बलौद - बाहर से लाकर फर्जी मतदाता बनाए गए। दुर्ग - वास्तविक मतदाताओं को बूथ से रोका गया, उनके नाम पर पहले ही फर्जी वोट डलवाए गए। यह सब दर्शाता है कि एक सुनियोजित साजिश के तहत मतदाता सूची में हेरफेर कर लोकतांत्रिक जनादेश को प्रभावित किया गया।

कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग से मांग की है कि  मतदाता सूची की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। जिन नेताओं का नाम एक से अधिक स्थानों पर पाया गया, उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज हों। संदेहास्पद नामों का घर-घर सत्यापन कराया जाए। फर्जी वोट डलवाने में शामिल अधिकारियों और दलालों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। चुनाव आयोग अपनी विश्वसनीयता बचाने के लिए तत्काल कदम उठाए।

तो क्या  राहुल गांधी को मुख्य चुनाव आयुक्त बना दें- मिश्रा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 19 अगस्त।  भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि वोट चोरी का कांग्रेस झूठा भ्रम फैला रही है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तरह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज भी उसी राह पर चल रहे है।

मिश्रा ने कटाक्ष किया कि कांग्रेस के लोगों को तो केवल एक परिवार ही सही लगता है, तो क्या कांग्रेस की मंशा के अनुरूप राहुल गांधी को मुख्य चुनाव आयुक्त बना दें।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के चुनाव को लेकर जारी नियमो को पढऩा चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि छत्तीसगढ़ राज्य में सम्पन्न विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान श्री बैज ने कांग्रेस पार्टी की तरफ से एक व्यक्ति को निर्वाचन संबंधी कार्यों के लिए अधिकृत किया था, जो छत्तीसगढ़ राज्य मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईओ) जाकर मतदाता सूची कार्य को देखते थे और सब कुछ सही है कहकर सभी दस्तावेजों पर दस्तखत तक किए हैं। जब कांग्रेस द्वारा नियुक्त व्यक्ति ने सब कुछ वेरीफाई कर दस्तखत किया है, अब चुनाव सम्पन्न होने के बाद सवाल उठाना बेमानी है।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली को हटाने की मांग कांग्रेस कर रही है, लेकिन उन्हें यह मालूम होना चाहिए कि पूरे देश में चुनाव आयोग व कार्यालयों में कहीं भी स्थायी नियुक्ति नहीं होती। चुनाव से दौरान अधिकारी कर्मचारी राज्य और केंद्र सरकार प्रतिनियुक्ति पर लिए जाते है। चुनाव के समय जो अधिकारी कार्य करते है, उनके श्रम साध्य का भी कांग्रेस मजाक बना रही है।


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