रायपुर
मुख्यमंत्री को पत्र- राजधानी को चाहिए हरियाली, कंक्रीट के जंगल नहीं
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 19 अगस्त। सांसद बृजमोहन अग्रवाल नगर निगम की कमर्शियल कांप्लेक्स योजना का विरोध तेज कर दिया है। इनमें सिंचाई कॉलोनी शांति नगर, कृषि उपज मंडी मैदान पंढरी तराई एवं भैसथान अग्रसेन चौक रायपुर जैसी शासकीय भूमि पर व्यावसायिक या आवासीय कॉम्प्लेक्स शामिल है। इनमें एक हाउसिंग बोर्ड की है और दो योजनाएं एमआईसी ने पिछले दिनों ही मंजूर किया था। अग्रवाल ने निगम के खिलाफ एक पत्र लिखकर सीएम विष्णु देव साय से तीन योजनाओं के स्थान पर आक्सीजोन विकसित करने की मांग की है।
सांसद श्री अग्रवाल ने पत्र में स्पष्ट कहा है कि राजधानी रायपुर में लगातार जनसंख्या और वाहनों की संख्या बढऩे से शहर की सडक़ें छोटी पड़ गई हैं। शहरवासियों को प्रदूषण और यातायात जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में नई-नई व्यावसायिक योजनाएं या आवासीय कॉम्प्लेक्स बनाना जनता के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि रायपुर की जनता का भी स्पष्ट मत है कि इन स्थानों पर हरियाली, ऑक्सीजोन और खेलकूद की सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए।
उन्होंने याद दिलाया कि भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार ने इन स्थलों पर आवासीय और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण का निर्णय लिया था, जिसका उन्होंने तब भी कड़ा विरोध किया था और जनता के आक्रोश के चलते शांति नगर योजना रोकनी पड़ी थी।
श्री अग्रवाल ने यह भी सुझाव दिया कि नई राजधानी अटल नगर (नया रायपुर) में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है और वहां बसाहट की आवश्यकता भी है, अत: सरकार चाहे तो वहां नए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स एवं आवासीय भवन विकसित कर सकती है।
सांसद अग्रवाल ने कहा कि शहर के भीतर अब कंक्रीट के जंगल नहीं, बल्कि स्वस्थ और हरित वातावरण की आवश्यकता है। आने वाली पीढिय़ों के लिए हमें ऑक्सीजोन और खेल मैदान की सौगात देनी चाहिए। लोकहित और लोकस्वास्थ्य ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जनता के हित में अपनी सशक्त आवाज उठाकर श्री अग्रवाल ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वे केवल विकास के पक्षधर नहीं, बल्कि जनता के स्वास्थ्य, भविष्य और शहर के संतुलित विकास को लेकर सजग भी हैं।


