रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 19 अगस्त। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के औषधि निरीक्षकों की टीम ने नशीली दवाइयों के अवैध व्यापार में संलिप्त मेडिकल दुकानों के विरुद्ध सघन छापा मार कार्यवाही की है।
पटना पुलिस जिला कोरिया एवं खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला कोरिया की संयुक्त टीम के द्वारा मुखबिर सूचना के आधार पर मांजा मोड़ कुडेली के पास घेराबंदी कर एक आरोपी के कब्जे से 15 स्ट्रिप कुल 120 नग स्पासमों प्रोक्सीवोन पल्स कैप्सूल बरामद किया गया। आरोपी पर एन डी पी एस एक्ट 1985 की धारा 22 के तहत अपराधिक प्रकरण दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
इसी कड़ी में विभाग द्वारा पिछले एक हफ्ते में कुल 163 औषधि प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया जिसमे से 06 फर्मों श्री राम मेडिकल स्टोर्स कांकेर, यदु मेडिकल स्टोर्स नरहरपुर, साहू मेडिकल स्टोर्स चारामा, जैस्मिन मेडिकल पलारी, चंद्राकर मेडिकल सोते खैरागढ़, सद्गुरु मेडिकल स्टोर्स खैरागढ़ में अनियमितता पाए जाने पर प्रशासनिक कार्यवाही हेतु अनुज्ञापन प्राधिकारी को प्रेषित किया गया है। उक्त निरीक्षण किये गए फर्मों में से कुल 19 फर्मों में सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉल नहीं पाया गया, जिन्हे 7 दिवस के भीतर कैमरा इंस्टॉल करवाने हेतु निर्देशित किया गया।
इसी तरह से 35 औषधियों का विधिक नमूना संकलन किया गया एवं जांच के लिए राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया। राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर के द्वारा कुल 19 औषधि नमूनों का जांच किया गया। उक्त समस्त औषधि को राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला कालीबाड़ी रायपुर के द्वारा मानक स्तर का घोषित किया गया है।
इसी तरह विभाग द्वारा कुल 03 ब्लड सेंटर्स और 01 निर्माण इकाई का निरीक्षण किया गया। सृष्टि ब्लड सेण्टर रायपुर एवं बिलासा ब्लड सेण्टर कोरबा का मुंबई से आये सीडीएससीओ के अधिकारियो के साथ नवीनीकरण हेतु निरीक्षण किया गया तथा सराईपाली में नवीन लाइसेंस जारी करने के लिए शुभा ब्लड सेण्टर का निरीक्षण किया गया। इसी कड़ी में चाम्पा स्थित ऑक्सीजन निर्माता फर्म साकेत ऑक्सीजन का निरिक्षण किया गया एवं आगामी कार्यवाही के लिए रिपोर्ट मुख्यालय प्रेषित किया गया।
राज्य के युवा पीढ़ी को तम्बाखू एवं अन्य पान मसाला के नशे से बचाने हेतु कोटपा एक्ट के तहत विभाग द्वारा राज्य में निरंतर सघन अभियान चलाया जा रहा है, इसी कड़ी में इस हफ्ते कुल 132 चालानी कार्यवाही करते हुए कुल 14 हजार 480 रुपए वसूल किये गए।


