रायपुर

इंजीनियरिंग प्रोफेसर को डिजीटल अरेस्ट कर 88 लाख वसूले
06-Aug-2025 6:46 PM
इंजीनियरिंग प्रोफेसर को डिजीटल अरेस्ट कर 88 लाख वसूले

ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर दो लोगों से 72.20 लाख की ठगी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 6 अगस्त। पुरानी बस्ती पुलिस ने डीजिटल अरेस्ट का एक मामला दर्ज किया है। शासकीय इंजीनियर कालेज सेजबहार के प्रोफेसर संतोष कुमार को ठगों ने एक माह तक अरेस्ट कर रखा था। रिहाई के नाम पर उन्होंने प्रोफेसर से 88 लाख रूपए वसूले। पुलिस के मुताबिक ठग प्रोफेसर पर मानव तस्करी, मनी लांड्रिंग, और अन्य अपराधों में फंसाने की धमकी देकर डीजिटल अरेस्ट किए हुए थे। पुलिस साइबर सेल की मदद से आरोपियों की तलाश कर रही है। इधर, देवेंद्र नगर इलाके मेंभी एक बड़ी ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है, जहां इंस्टाग्राम के जरिए जान-पहचान बनाकर एक अज्ञात ठग ने राजधानी के एक शख्स से 60 लाख से रूपए ऐंठ लिए।

डी-18, देवेंद्र नगर निवासी शशिकांत वर्मा ने पुलिस को शिकायत दी कि 7 मई से 10 मई के बीच उनकी इंस्टाग्राम पर एक अज्ञात व्यक्ति से जान-पहचान हुई, जिसने खुद को जैनम ओटीसी कंपनी का कोऑर्डिनेटर बताकर शेयर ट्रेडिंग करने पर अधिक मुनाफा कमाने का झांसा दिया। विश्वास में लेकर आरोपी ने शशिकांत से अलग-अलग किश्तों में कुल 60 लाख 85 हजार रुपए अपने बताए गए बैंक खाते में जमा करवा लिए। पैसा ट्रांसफर होने के बाद आरोपी ने कोई भी पैसा  किसी भी तरह का लाभ नहीं दिया। शशिकांत के बारबार फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिली। तब जाकर उन्होंने ठगी होने के शक में देवेंद्र नगर थाना जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात मोबाइल धारक के खिलाफ धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

 कबीर नगर थाना में ठगी के इस मामले में मोबाइल धारक अज्ञात व्यक्ति ने मोतीलाल ओसवाल फाईनेंस कम्पनी से शेयर खरीदने पर 10 से 30 प्रतिशत डिस्काउंट और इन्वेश्ट पर डबल मुनाफ का झांसा देकर लगभग 12 लाख रूपए की धोखाधड़ी कर दी।

हीरापुर, वीरसावरकर नगर निवासी राजेश साहू ने रिपोर्ट में बताया कि 10 मई को उसके मोबाइल नम्बर के वॉट्सअप पर किसी अज्ञात नम्बर से मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विस के नाम से एक लिंक आया था। जिसमें शेयर मार्केट टे्रडिंग करने पर डबल मुनाफ और 10-30 प्रतिशत डिस्काउंट पर शेयर खरिदना बेचना बताया गया। राजेश साहू ने लिंक ओपन कर उसमें दी गई जानकारी से प्रभावित हो गया। और वॉट्सअप ग्रुप के एडमिन मेघा किरार से संपर्क किया। इसके बाद उसने राजेश को एक अन्य ग्रुप में जोड़ दिया जिसमें ओसवाल कम्पनी के अन्य मेंबर जुड़े हुए थे। आरोपी ने विश्वास दिलाने के लिए वॉट्सअप पर अन्य लोगों प्रॉफिट की जानकारी भेजा करता था। इस पर भरोसा करके राजेश ने भी कम्पनी में इन्वेस्ट कर दिया। और आरोपी के बताए खाता में किस्तों में 6.63 लाख रूपए जमा करा दिए। शुरूआत में उसे उसके लगाए गए पैसों का प्रॉफिट कुल 12,20,254 रूपए दिखाने लगा। जिसे बाद में राजेश ने अपने बैंक में ट्रांसफर करना चाहा, पर वह नहीं हुआ। तब उसको अपने साथ धोखाधड़ी होने का शक हाने पर उसने इसकी शिकायत साइबर सेल को दी। पुलिस ने शिकायत मिलने पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 318-4 का अपराध दर्ज किया है।


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