रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 6 अगस्त। टिकरापारा इलाके से गायब हुई एक नाबालिग लडक़ी की बरामदगी को लेकर पुलिस का रवैया असंवेदनशील बना हुआ है। पहले तो टीम भेजने के लिए 50 हजार रुपए मांगे गए । और अब जाने ना नुकूर किया जा रहा।
मिली जानकारी के अनुसार टिकरापारा के गोकुल नगर निवासी एक 13 वर्षीय लडक़ी को पड़ोस का ही एक 22 वर्षीय युवक 16 जून को बहला फुसलाकर ले गया।वह कबाड़ी का काम करता था। इसकी शिकायत लडक़ी की मां ने टिकरापारा थाने में दर्ज कराई। लेकिन लडक़ी की तलाश और युवक की धरपकड़ को लेकर थाना पुलिस ढिलाई बरते हुए है। इसी दरम्यान लडक़े ने नाबालिग से शादी कर लेने का फोटो भेजा।और उनके सूरत में होने की जानकारी लगी। इस पर मां ने इलाके के सीएसपी को शिकायत की।
सीएसपी के निर्देश पर थाना स्टाफ कुछ हरकत में आया। सूरत जाने के लिए जाना स्टाफ ने लडक़ी की मां से 50 हजार रुपए की मांग की। घरों में झाड़ू पोंछा करने वाली मां के लिए यह संभव नहीं था। इसकी जानकारी लगने पर सीएसपी ने व्यवस्था कर टीम भेजने की बात कही। लेकिन अब जाने के लिए महिला पुलिस स्टाफ तैयार नहीं। इस मामले की जानकारी पर आम आदमी पार्टी के विजय कुमार झा और अन्य नेताओं ने पुलिस से संपर्क कर चर्चा की। वर्दी में परित्राणाय साधू नाम का ध्येय धारी पुलिस स्टाफ का रवैया जनसेवा का नहीं था।इस तरह से करीब 22 दिनों बाद भी पुलिस नाबालिग लडक़ी की पतासाजी बरामदगी को लेकर ढिलाई बरते हुए है।
इधर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह से भेंट कर तलाशी में बरती जा रही लापरवाही की शिकायत की । इस पर डॉ सिंह ने तत्काल थाना प्रभारी और संबंधितों को संभावित स्थलों पर तुरंत टीम रवाना करने के निर्देश दिए। प्रतिनिधि मंडल में महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव श्रीमती सुषमा ध्रुव, असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक, सामाजिक कार्यकर्ता शिफा अली (निक्की) एवं बच्ची के परिजन शामिल थे।


