रायपुर

पेंशन में 1685 करोड़ के घाटे के खुलासे का श्रेय लेने के चक्कर में निपट गए पेंशन संचालक
06-Aug-2025 6:23 PM
पेंशन में 1685 करोड़ के घाटे के खुलासे का श्रेय लेने के चक्कर में निपट गए पेंशन संचालक

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 6 अगस्त। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने संचालक पेंशन कल हुए फेरबदल  पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया है कि यह बदलाव सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति का आभास कराता है।  इसकी सराहना करते हुए कहा कि  पेंशन से छत्तीसगढ़ सरकार को हो रहे आर्थिक नुकसान पर पेंशनर्स महासंघ पिछले 7 साल से सचेत करता रहा है। इस पर किसी अधिकारी ने कभी समझने का प्रयास नहीं किया और  बातों को हवा में उड़ाते रहे।

पहली बार इस बात को मानने वाला अधिकारी वित्त सचिव मुकेश बंसल है। उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और अपने अमले से इस पर काम करवाया।  महासंघ  के प्रतिनिधि मंडल को इसके लिए धन्यवाद देते हुए अवगत कराया कि सतही तौर पर यही समझ में आता है कि छत्तीसगढ़ सरकार को लगभग 2000 करोड़ से अधिक राशि का सालाना हानि हो रही है, अब यह बात संज्ञान आ गया है कि इस पर आगे काम करने की जरूरत है तब जाकर स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बाद दो चार दिन पहले ही वर्तमान पेंशन संचालक ने इसका खुलासा किया छत्तीसगढ़ सरकार को धारा 49 के तहत पेंशनरी दायित्व के बंटवारे में 1685 करोड़ की मध्य प्रदेश से लेनदारी बनती है जिसे मध्य प्रदेश सरकार से मांग की जा रही है, डिटिलाइजेशन से यह बात पकड़ में आया है।

उनकी बातों में अपनी खुद की पीठ ठोक कर श्रेय लेने का प्रयास नजर आता है, उनकी यही बात सरकार को खटक गई कि जो श्रेय सरकार को मिलनी चाहिए और इसका खुलासा भी मुख्यमंत्री अथवा वित्तमंत्री स्तर से होना था जिसे अतिरेक में श्रेय लेने के चक्कर में उन्होंने उजागर कर दिया। जबकि इसका असली हकदार मुकेश बंसल अभी भी चुप्पी साधे बैठे हैं। सरकार ने चुपचाप उनकी कुर्सी बदलकर अपनी नाराजगी दिखा दी है। महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश ने सरकार से मांग की है कि घाटे की भरपाई मध्यप्रदेश से वसूली से की जाय और मिलने वाली रकम से राज्य को पिछला एरियर का भुगतान किया जाए।


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