रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 5 अगस्त। प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश जहां एक ओर किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं आम आदमी के लिए रसोई का बजट बिगाडऩे वाली साबित हो रही है। बारिश के मौसम में एक ओर नदियों का जलस्तर बढ़ा है। जिससे ग्रामीण आंचलों में किसान जोर-शोर से फसलों की बुवाई में जुटे हैं। लेकिन दूसरी ओर शहरों की बात करें तो सब्जियों और फलों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं।
राजधानी सहित प्रदेशभर के बाजारों में रोजमर्रा की सब्जियों के दाम आम आदमी के बजट से बाहर हो गए हैं। टमाटर जैसे आवश्यक सब्जी की खुदरा कीमतें 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं, लेकिन गुणवत्ता बेहद खराब बताई जा रही है। बाजारों में जो सब्जियां है वो न केवल गुणवत्ता विहीन हैं, बल्कि कई स्थानों पर सड़ी-गली हालत में बिकती देखी गई हैं।
गृहणियों का कहना है कि बारिश के मौसम में सब्जियों के दाम बढ़े है, तो दूसरी ओर गुणवत्ता भी खराब हो गई है। आज कल बाजार में अ रहे टमाटर धब्बे दार और जल्दी खराब हो जाते हैं। वहीं एक किलों में से 100 से 200 ग्राम टमाटर खराब होते हैं। ऐसा ही बाकी सब्जियों का भी यही हाल है।
खरीददारों की माने तो मांग अधिक और उत्पादकता कम होने से शहर के बाजारों में बाहरी क्षेत्रों से आने वाली सब्जियों की आवक कम हो गई है। जिससे स्थानीय सब्जियों पर निर्भरता बढ़ गई है। वहीं मशरूम जैसी मौसमी सब्जी की कीमतें भी आम उपभोक्ता की पहुंच से बाहर हो गई हैं। बाजार में यह सब्जी 1000 से 1200 रुपये प्रति किलो बिक रही है। फलों से लेकर मसालों तक, हर चीज़ की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। इससे आम जनता की थाली न केवल महंगी हो गई है, बल्कि स्वाद और गुणवत्ता के मामले में भी भारी गिरावट आई है।
स्थानीय व्यापारी का कहना है कि बारिश की वजह से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, और खराब मौसम के चलते फसलें भी प्रभावित हुई हैं, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ा है।
सब्जियों के दाम
मशरूम 1000-1200 रूपए किलो
खेक्सी 160-200
टमाटर 60-70
गोभी 70-80
पत्ता गोभी 40-50
बैगन 50-60
कटहल 60-70
करेला 70-80
बरबट्टी 60-70
कोचाई 60-70
हरा मिर्च 80-100
धनिया 100-120
अदरक 70-80
पालक 40-50


