रायपुर
नारायणपुर, जीपीएम, और दुर्ग का मामला
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 3 अगस्त। प्रदेश में चावल घोटाले की पड़ताल चल रही है। यह बात सामने आई है कि तीन जिलों में 50 राशन दुकान संचालकों ने खुले बाजार से चावल खरीदा, और फिर कार्डधारियों को आबंटित कर दिया। खास बात यह है कि खाद्य संचालनालय में इसकी सूचना देने के बावजूद राशन दुकान का कोटा काटा नहीं गया बल्कि पूरा कोटा ही जारी कर दिया गया।
चावल घोटाले का मामला पिछली सरकार का है, और मामला विधानसभा में उठा था। इसके बाद सरकार ने जांच के भी आदेश दिए थे। हमर संगवारी संस्था के प्रमुख राकेश चौबे ने सूचना के अधिकार के अंतर्गत प्राप्त दस्तावेजों को जारी किया, और बताया कि पेंड्रा मरवाही, नारायणपुर और दुर्ग जिले के 73राशन दुकानों में से 51 राशन दुकानदार ने खुले बाजार से चांवल खरीद कर राशन दुकान में रखा है। 23राशन दुकान के विरुद्ध आर आर सी (रेवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी की गई है।
पेंड्रा मरवाही जिले के 23 राशन दुकानदार ने बाजार से670.17क्विंटल चावल खुले बाजार से खरीद कर राशन दुकान में रखा और बेचा। पेंड्रा मरवाही में अनुसूइया महिला स्व सहायता समूह परासी द्वारा पहले 72.95क्विंटल चांवल खुले बाजार में ऊंची कीमत पर बेच दिया। घोटाला उजागर हुआ तो 72.95क्विंटल खरीद कर रख भी दिया। इस जिले में 24ऐसे राशन दुकानदार जिन्होंने सरकारी चावल की अफरा-तफरी की थी। अफरा-तफरी किए गए चावल की मात्रा 2069.85क्विंटल है। जिसके लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने 24दुकानदारों के विरुद्ध आर आर सी जारी की है। बाजार में इस चावल की कीमत 56लाख रुपए है।
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति खोडऱी ने 273.11क्विंटल, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कुम्हारी 191.30क्विंटल, साक्षी महिला स्व सहायता समूह से 134.49 आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मरवाही132.95क्विंटल चावल की कालाबाजारी की हुईं है। जिनके विरुद्ध आर आर सी जारी है।
दुर्ग जिले में 9 राशन दुकानदारों द्वारा खुले बाजार से 655.63क्विंटल चावल खरीद कर बाद में राशन कार्ड धारियों को बेचा। इनमें से तीन राशन दुकानदार के विरुद्ध एफ आई आर की गई है। नारायणपुर जिले में 19 राशन दुकानदार ने पहले 407.55 क्विंटल चावल खुले बाजार में बेच दिया। जांच में कालाबाजारी सामने आई तो खाद्य संचालनालय के तत्कालीन अपर संचालक के द्वारा दिए गए निर्देश पर खुले बाजार 407.55 क्विंटल चावल खरीद कर घोटाले को दबाने की सफल कोशिश भी कर ली गई। ॉ
राकेश चौबे ने बताया कि राशन दुकानों में चावल की आपूर्ति केवल नागरिक आपूर्ति निगम के द्वारा ही की जा सकती है। नान भारत सरकार के द्वारा निर्धारित गुणवत्ता के आधार पर विश्लेषण कर चावल राइस मिलो से लेता है। बताया जाता है कि चावल स्टॉक के भौतिक सत्यापन के लिए भूसे का बोरा रखवा कर अनेक जिलों में स्टॉक मिलान खाद्य संचालालय के मौखिक निर्देश पर करवाया गया है। मात्र तीन जिलों में ये हाल है तो प्रदेश भर में घोटाले को दबाने के लिए लाखों क्विंटल चावल बाजार से खरीदे जाने की पुष्टि हो रही है।


